उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसा सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने ‘लव जिहाद’ के आरोपों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली गोल्डी वर्मा की इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी का अंत बेहद खौफनाक रहा। अपनी असली पहचान छिपाकर प्यार के जाल में फंसाने वाले आरोपी ने न सिर्फ पीड़िता को प्रताड़ित किया, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुपचुप तरीके से उसे दफना भी दिया। 15 दिन बाद जब सच सामने आया, तो प्रशासन के सहयोग से कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया।
इंस्टाग्राम पर ‘प्रिंस’ बनकर की दोस्ती, फिर मंदिर में रचाई शादी
रीवा की गोल्डी वर्मा की कहानी सोशल मीडिया से शुरू हुई थी। इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात ‘प्रिंस’ नाम के एक युवक से हुई। प्रिंस ने अपनी मुस्लिम पहचान छिपाकर गोल्डी से दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। प्यार परवान चढ़ा तो दोनों घर से भाग गए। इसके बाद साहिल उर्फ ‘प्रिंस’ ने हैदराबाद के एक मंदिर में गोल्डी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई, ताकि गोल्डी को उसकी असलियत पर कोई शक न हो।
सूरत में प्रताड़ना और प्रयागराज के गांव में खुला असली नाम का राज
शादी के बाद दोनों गुजरात के सूरत में रहने लगे। हालांकि, गोल्डी का सुखद समय ज्यादा दिन नहीं चला। सूरत में रहते हुए साहिल और उसके करीबियों द्वारा गोल्डी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। तंग आकर गोल्डी वापस अपने मायके रीवा लौट आई। कुछ महीनों बाद साहिल दोबारा रीवा पहुंचा और दिल्ली जाने का झूठ बोलकर गोल्डी को अपने साथ ले गया। लेकिन वह उसे दिल्ली नहीं, बल्कि प्रयागराज के कौंधियारा स्थित अपने पैतृक गांव ले आया। यहीं आकर गोल्डी के सामने यह खौफनाक सच आया कि जिसे वह प्रिंस समझ रही थी, वह असल में साहिल खान है।
6 जून को रहस्यमय मौत, मायके वालों को बिना बताए चुपचाप दफनाया
प्रयागराज के गांव में बंधक बनी गोल्डी की बीती 6 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। साहिल और उसके परिवार ने गोल्डी के मायके वालों को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी और साक्ष्यों को छुपाने के उद्देश्य से शव को मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया। मौत के करीब 15 दिन बाद गोल्डी की बहन को उसकी एक सहेली के जरिए इस अनहोनी की जानकारी मिली। खबर मिलते ही बदहवास परिजन कौंधियारा गांव पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को सुपुर्द-ए-खाक किया जा चुका है।
कलेजा चीर देने वाला मंजर: कब्र खोदकर निकाला शव, फिर हुआ दाह संस्कार
पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कौंधियारा में गोल्डी के शव को कब्र खोदकर बाहर निकाला गया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, न्याय की आस में भटक रहे परिजनों ने गोल्डी के शव को प्रयागराज लाकर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार और दाह संस्कार किया।
परिजनों का गंभीर आरोप: जहर देकर मारा, बेटी हुई ‘लव जिहाद’ का शिकार
गोल्डी की मां बेबी देवी और बहन नीतू वर्मा ने आरोपी साहिल और उसके परिवार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गोल्डी की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत जहर देकर की गई है। परिजनों का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई है। आरोपी ने पहचान छिपाकर, माथे पर तिलक लगाकर और फर्जी नाम से उसे अपने जाल में फंसाया और भेद खुलने पर उसकी जान ले ली। फिलहाल पीड़ित परिवार योगी सरकार से अपनी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा देने और सख्त से सख्त इंसाफ की मांग कर रहा है।















