Ahmedabad : अहमदाबाद में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ज्वेलरी कारोबारियों के होश उड़ा दिए हैं। खुद को रसूखदार बिल्डर और बड़ा जमीन कारोबारी बताकर एक पूरे गुजराती परिवार ने सराफा कारोबारी के विश्वास का फायदा उठाते हुए करोड़ों रुपये के सोने-हीरे के गहने उड़ा लिए। अहमदाबाद की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस शातिर परिवार के मुखिया अनिल विभाणी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इस परिवार ने करीब 4.45 करोड़ रुपये के गहने लेने के बाद भुगतान के नाम पर केवल बहानेबाजी की और व्यापारियों को कंगाल करने की साजिश रची।
‘सेटअप’ का जाल: ऐसे बिछाया विश्वास का जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि अनिल विभाणी और उसका परिवार इस ठगी के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरता था। अनिल अकेले नहीं, बल्कि अपनी पत्नी विमी, बेटे वेदांत और दामाद शिवम गढ़वी के साथ ज्वेलरी शोरूम में जाता था। इन लोगों का पहनावा और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल इतनी प्रभावशाली थी कि ज्वेलर्स उन्हें एक पल के लिए भी संदिग्ध नहीं मान पाते थे। शोरूम में बैठकर ये लोग खुद को करोड़ों का प्रोजेक्ट संभालने वाला बिल्डर बताते थे। ठगों ने शुरुआत में छोटी-मोटी खरीदारी कर उसका समय पर भुगतान किया, जिससे ज्वेलर्स को लगा कि यह एक बेहद भरोसेमंद और ‘प्रीमियम’ ग्राहक है। एक बार भरोसा कायम होने के बाद खरीदारी का दायरा लाखों से बढ़कर करोड़ों में पहुंच गया और यहीं से असली खेल शुरू हुआ।
जब आई पेमेंट की बारी, तो बदली कहानी
शिकायत के मुताबिक, करोड़ों के गहने उठाने के बाद जब सराफा कारोबारी ने भुगतान की मांग की, तो अनिल विभाणी का परिवार लगातार तारीखें बदलता रहा। कभी जमीन का सौदा अटकने का बहाना बनाया जाता, तो कभी कमीशन आने का हवाला देकर व्यापारियों को टरकाया जाता। पीड़ित कारोबारी को तीन महीने का वादा दिया गया था, जिसे बाद में 15-20 दिनों के अंतराल में टाला जाता रहा। जब भुगतान के बजाय केवल झूठे आश्वासन मिलने लगे, तब ज्वेलरी कारोबारी ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की EOW ने मामला दर्ज कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
एक गिरफ्तारी से खुला 15 करोड़ के घोटाले का राज
ACP मनोजसिंह चावड़ा के अनुसार, अनिल विभाणी का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। इस गिरफ्तारी के बाद जैसे ही खबर फैली, अन्य पीड़ित भी क्राइम ब्रांच के पास पहुंचने लगे, जिससे ठगी की तस्वीर और बड़ी होती गई। पुलिस के मुताबिक, अनिल विभाणी के खिलाफ अब तक कुल 15 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। एक पुराने मामले में तो पुलिस ने उसके लॉकर से करीब 9 करोड़ रुपये के गहने भी जब्त किए थे। फिलहाल, EOW की टीम रिमांड पर लिए गए आरोपियों से यह पता लगाने में जुटी है कि इस ताजा मामले के 4.45 करोड़ रुपये के गहने कहां ठिकाने लगाए गए और इस पूरे संगठित अपराध में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।













