नई दिल्ली: भीषण गर्मी के बीच दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ और बढ़ गया है। मदर डेयरी (Mother Dairy) ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 14 मई 2026 यानी आज (गुरुवार) से लागू हो गई हैं। मदर डेयरी से ठीक पहले अमूल (Amul) ने भी कीमतों में इसी तरह की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद अब दिल्ली और आसपास के इलाकों में दूध खरीदना महंगा हो गया है।
क्यों बढ़ी दूध की कीमतें?
मदर डेयरी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत (Procurement Cost) में लगभग 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखकर ग्राहकों को राहत देने की कोशिश की, लेकिन इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण अब दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है। कंपनी अपनी कुल कमाई का करीब 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों को भुगतान करती है, ताकि दुग्ध उत्पादन की श्रृंखला बनी रहे।
दिल्ली-एनसीआर में अब ये होंगी नई कीमतें
कीमतों में बदलाव के बाद मदर डेयरी के अलग-अलग वेरिएंट्स के दाम अब इस प्रकार होंगे:
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फुल क्रीम दूध: अब 70 रुपये के बजाय 72 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।
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टोंड मिल्क: 58 रुपये से बढ़कर अब 60 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
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डबल टोंड दूध: इसकी कीमत अब 54 रुपये प्रति लीटर होगी।
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गाय का दूध: 60 रुपये के स्थान पर अब 62 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा।
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खुला टोंड दूध (बल्क वेंडिंग): पहले 56 रुपये था, जो अब 58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।
आम आदमी के बजट पर पड़ेगा सीधा असर
दिल्ली-एनसीआर में मदर डेयरी रोजाना करीब 35 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करती है। दूध जैसी अनिवार्य वस्तु के दाम बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि चारे की बढ़ती कीमतों और परिवहन लागत में वृद्धि के कारण डेयरी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। अमूल ने भी इसी तर्क के साथ अप्रैल 2025 के बाद अब पहली बार कीमतों में संशोधन किया है।
मदर डेयरी का बढ़ता कारोबार
लागत बढ़ने के बावजूद मदर डेयरी के कारोबार में जबरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में डेयरी उत्पादों और खाद्य तेलों की भारी मांग की बदौलत कंपनी ने 17 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज करते हुए 20,300 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है। हालांकि, ताजा बढ़ोतरी के बाद ग्राहकों को अब अपनी सुबह की चाय और बच्चों के दूध के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने होंगे।















