नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक अदालत आज एक बेहद अहम सुनवाई करने जा रही है। कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल 20 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अदालत ने मामले के 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप (Charges) तय करने की प्रक्रिया के तहत आज से जिरह शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अदालत ने मीडिया में चार्जशीट के अंश लीक होने पर सख्त नाराजगी भी व्यक्त की है।
CBI का बड़ा दावा: NTA दफ्तर से लीक हुए सवाल, 3 विशेषज्ञों ने रची साजिश
CBI की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दाखिल इस चार्जशीट में बेहद चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्य कार्यालय से ही नीट परीक्षा के सवाल लीक किए गए थे। तीन विशेष विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से गोपनीय प्रश्नपत्र बाहर निकाले। चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि आरोपी इस नापाक हरकत को इसलिए अंजाम दे सके क्योंकि गोपनीय सेक्शन से बाहर निकलते समय अधिकारियों और कर्मचारियों की ठीक से तलाशी (Frisking) नहीं ली गई थी। CBI फिलहाल NTA के कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी गहन पड़ताल कर रही है।
13 आरोपी न्यायिक हिरासत में, साजिश और अवैध कमाई के लगे गंभीर आरोप
CBI ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने, परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और करोड़ों रुपये का अवैध आर्थिक लाभ कमाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी—यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार—फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
360 गवाह और 422 दस्तावेज; कोर्ट में आज आमने-सामने होंगे बचाव और अभियोजन पक्ष
जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत शिकंजा कसते हुए अदालत के समक्ष 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक सबूत प्रस्तुत किए हैं। आज से शुरू हो रही सुनवाई के दौरान कोर्ट में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष (CBI) के वकील आमने-सामने होंगे और आरोप तय करने को लेकर अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे।















