नई दिल्ली/नासिक: NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई धांधली अब महज एक संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘एजुकेशन अंडरवर्ल्ड’ की गहरी साजिश के रूप में उभर रही है। 22 लाख छात्रों के सपनों को दांव पर लगाने वाले इस सिंडिकेट की कड़ियां अब देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ रही हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार हुए 30 वर्षीय शुभम खैरनार ने इस जांच को एक नया मोड़ दे दिया है।
कौन है शुभम खैरनार और क्या है उसका ‘सीहोर’ कनेक्शन?
नासिक के इंदिरानगर का रहने वाला शुभम खैरनार मेडिकल फील्ड का छात्र बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के रडार पर वह तब आया जब उसके तार मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज से जुड़े होने की बात सामने आई।
आरोप है कि शुभम ने परीक्षा से पहले कथित ‘गेस पेपर’ हासिल किया और उसकी डिजिटल कॉपी हरियाणा तक पहुंचाई। शक है कि यही पेपर बाद में टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए देश भर में वायरल हुआ। हालांकि, यूनिवर्सिटी की भूमिका पर अभी जांच जारी है, लेकिन मेडिकल छात्रों का इस तरह के सिंडिकेट में शामिल होना जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
हुुुलिया बदलकर मंदिर जा रहा था आरोपी, ऐसे बिछाया गया जाल
पुलिस की बढ़ती दबिश देख शुभम ने बचने के लिए अपना लुक पूरी तरह बदल लिया था। उसने अपने बाल कटवा लिए थे और फर्जी पहचान का सहारा ले रहा था। लेकिन राजस्थान पुलिस और नासिक क्राइम ब्रांच के संयुक्त ऑपरेशन ने उसे तब दबोच लिया जब वह देवदर्शन के लिए जा रहा था। तकनीकी सर्विलांस और पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
टेलीग्राम पर 42 घंटे पहले ही आ गया था ‘असली’ गेस पेपर
जांच में खुलासा हुआ है कि 3 मई को होने वाली परीक्षा का ‘गेस पेपर’ करीब 42 घंटे पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तैरने लगा था। जब असली परीक्षा के सवालों का मिलान सोशल मीडिया पर वायरल पेपर से किया गया, तो कई प्रश्न हूबहू वही निकले। इसी के बाद पूरे देश में आक्रोश फैला और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को अंततः परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
मास्टरमाइंड की तलाश और CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी
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मनीष यादव: इसे पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जो अलग-अलग राज्यों में पेपर सप्लाई की चेन चला रहा था।
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राकेश मंडावरिया: पेपर को डिजिटल माध्यमों से डिस्ट्रीब्यूट करने के आरोप में इसे भी हिरासत में लिया गया है।
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CBI की कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब सीबीआई के हाथों में है। 5 राज्यों से अब तक 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 45 से अधिक लोगों से पूछताछ जारी है। सीबीआई की टीमें अब बैंक ट्रांजैक्शन और टेलीग्राम चैट्स के जरिए ‘मनी ट्रेल’ खंगाल रही हैं।
22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के रद्द होने से 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी सदमे में हैं। छात्रों का कहना है कि माफियाओं के लालच ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब सभी की नजरें सीबीआई की जांच और परीक्षा की नई तारीखों पर टिकी हैं।















