PM-KISAN: देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्रीय कैबिनेट ने PM-किसान योजना को 2031 तक बढ़ाया, 3.15 लाख करोड़ का बजट मंजूर

देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बेहद राहतभरी और बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) योजना को आगामी वर्षों में भी जारी रखने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से देश के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और अन्नदाताओं को लंबे समय तक आर्थिक संबल मिलता रहेगा।

वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए मिला विस्तार

केंद्रीय कैबिनेट ने PM-KISAN योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार देने का बड़ा निर्णय लिया है। इस पांच वर्षीय अवधि के संचालन के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये का विशाल वित्तीय बजट स्वीकृत किया है। इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती से जुड़ी छोटी-बड़ी जरूरतों को समय पर पूरा करना और उनकी आय में निरंतर स्थिरता बनाए रखना है।

हर साल मिलती है 6,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद

कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PM-KISAN केंद्र सरकार की सबसे सफल और जनहितकारी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि बिना किसी देरी के सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे वे बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई जैसे आवश्यक कृषि खर्चों को बिना किसी वित्तीय तनाव के समय पर पूरा कर पाते हैं।

DBT और पारदर्शी प्रक्रिया से घटा महाजनों के कर्ज का बोझ

PM-KISAN योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली है। योजना के तहत आर्थिक राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। बायोमेट्रिक और डिजिटल प्रमाणीकरण ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया है। हालिया अध्ययनों के आंकड़ों से पता चला है कि इस नियमित वित्तीय मदद के कारण लगभग 85 प्रतिशत किसानों की महाजनों और अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता में काफी कमी आई है।

फरवरी 2019 से अब तक का बेमिसाल सफर

फरवरी 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का परिदृश्य बदलने में अहम भूमिका निभाई है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। हाल ही में जारी की गई 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिला, जिसके तहत 18,984 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई थी। सरकार का यह कदम भारत के अन्नदाताओं को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

 

 

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