मौत की जहरीली शराब: मृतकों की संख्या 38 , अखिलेश बोले योगी सरकार जिम्मेदार

– उप्र के कुशीनगर जिले में तीन दिन में 10 लोगों की जहरीली शराब के सेवन से हो चुकी है मौत

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एक बार फिर से जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। दोनों राज्यों में जहरीली शराब पीने से पिछले 24 घंटे के दौरान कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। कई लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पतालों में उनका इलाज जारी है। इसकी वजह से सहारनपुर और हरिद्वार जनपदों में हाहाकार मच गया है।उप्र सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिये हैं और मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये तथा अस्पतालों में उपचार करा रहे प्रभावितों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की है।

उत्तराखंड सरकार ने सभी प्रभावितों के इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही आबकारी विभाग के 13 और पुलिस विभाग के चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया है। शासन ने मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के भी आदेश दिए हैं। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर के बाद अब सहारनपुर में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है। जनपद में जहरीली शराब पीने से शुक्रवार को 24 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोगों की हालत गम्भीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों जनपदों के जिला आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सहारनपुर परिक्षेत्र के आईजी को मामले की जांच सौंप दी है।

कई गांवों में जहरीली शराब ने बरपाया कहर

पुलिस के मुताबिक सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र के ओमाही गांव का पिंटू अवैध रूप से शराब बेचता था। गुरुवार की रात को गांव के लोग उससे शराब लेकर गए थे। पीने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। शुक्रवार सुबह हालत बिगड़ने पर पिंटू समेत 24 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नागल थाना क्षेत्र के ओमाही गांव में कंवरपाल, अरविंद, इमरान, पिंटू, बल्लूराम व राजू हैं। इसी तरह से गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के शर्बतपुर गांव में राजबीर, महिपाल व धूम सिंह ने दम तोड़ दिया। माली गांव के दीपचंद, सलेमपुर गांव के सत्यवान, मिट्ठन और संजय, देवबंद थाना क्षेत्र के डंकोवाली गांव में विजेंद्र, जनकपुर थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव में मोनू, नागल क्षेत्र के ताजपुर गांव के भगवानदास, ऋषिपाल व कंवरपाल, बिलासपुर गांव में राजे व किशन की भी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई।

इसके अलावा चार अन्य लोगों की मौत भी शराब के सेवन से होनी बताई जा रही है। शराब पीने से बीमार हुए बबलू, सोनी, राजकुमार, रिजवान, तनवीर, जल सिंह, सुरेंद्र, तेजपाल व हरिश्चंद्र का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये तथा अस्पताल में इलाज करा रहे प्रभावितों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने सहारनपुर के आईजी शरद सचान को मामले की जांच सौंपी है। सहारनपुर के कमिश्नर सीपी त्रिपाठी व आईजी शरद सचान ने जिला अस्पताल में भर्ती गंभीर बीमारों का हालचाल लिया।

2009 में देवबंद में हुई थीं 30 मौतें

सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि मृतकों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आबकारी अधिकारियों को मामले की छानबीन में लगाया गया है। जिन लोगों की मौत हुई है, सभी मजदूरी करने वाले थे। इससे पहले भी वर्ष 2009 में जहरीली शराब पीने से सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में 30 लोगों की मौत हो गई थी।

कुशीनगर में तीन दिन में 10 मौतें

गौरतलब है कि कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र में भी तीन दिन पहले जहरीली शराब पीने की घटना हुई थी, जिसमें अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना में बुधवार को पांच और गुरुवार को भी पांच लोगों ने दम तोड़ा था। शासन ने इस मामले में थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत नौ लोगों को निलम्बित कर दिया है।

मुख्यमंत्री के दिया संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव आबकारी को कुशीनगर और सहारनपुर जनपदों के जिला आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आबकारी और पुलिस विभाग को अवैध शराब से जुड़े लोगों के विरुद्ध 15 दिनों का संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश भी दिये हैं।

डीजीपी ने माना, पुलिस की शिथिलता से हुई घटना

उधर राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने स्वीकार किया कि जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना पुलिस कर्मियों की शिथिलता के कारण हुई है। मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। गोरखपुर और सहारनपुर के पुलिस महानिरीक्षक को जांच सौंपी गयी है। जिम्मेदार लोग बख्शे नहीं जायेंगे। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग के साथ मिलकर आज से 15 दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने इस सब के लिए स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि सहारनपुर में शराब उत्तराखण्ड से आयी थी। उन्होंने सहारनपुर में मृतकों की संख्या नौ बतायी है जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार जहरीली शराब से 24 लोगों की जान गयी है। यह संख्या बढ़ भी सकती है।

उत्तराखंड में जहरीली शराब ने ली 14 की जान

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र के अलग अलग गांव में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 36 लोग गंभीर हालत में जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी प्रभावितों के इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही शासन ने आबकारी विभाग के 13 और पुलिस विभाग के चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया है। शासन ने मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के भी आदेश दिए हैं। कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की मांग की है।

हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी प्रकार के मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। दरअसल यहां तेरहवीं के एक कार्यक्रम में शामिल हुए अलग-अलग गांवों के 50 से अधिक लोगों ने स्थानीय स्तर पर बनाई गई देसी शराब का सेवन किया था। इनमें से 14 की मौत हो गई जबकि 36 से ज्यादा का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। जिला मजिस्ट्रेट दीपक रावत ने बताया कि रुडकी तहसील भगवानपुर के अन्तर्गत ग्राम बालुपुर बिन्दुखडक, भलस्वागाज एवं ग्राम जहाजगढ़ में अवैद्य शराब के पीने से 14 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। इनकी मृत्यु के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रीयल जांच को आवश्यक देखते हुए उपरोक्त घटना की मजिस्ट्रीयल जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को एक पखवाड़े के अन्दर मजिस्ट्रीयल जांच पूर्ण कर विस्तृत आख्या जिला मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने जिन लोगों के मरने की पुष्टि की है, उनमें राजकुमार, विश्वास, जसवीर, चरण सिंह, धनीराम, संजय, धनीराम, मांगे राम, ज्ञान सिंह, सोराज, चंद्र, ध्यान सिंह, नरेश और जाहरू हैं। ये ग्रामीण ग्राम बालूपुर, बिंदु, जहाजगढ़, तेजजूपुर, भलस्वागाज आदि के रहने वाले हैं जबकि सेठ पाल, सुशील, संजय, कुलदीप, धनीराम सहित 40 लोग आस पास के निजी अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं।

आबकारी निरीक्षक समेत 13 निलंबित

जहरीली एवं अवैध शराब के सेवन के बाद 14 लोगों की मौतों की घटना से नाराज प्रमुख सचिव आबकारी आनंदवर्धन ने आबकारी निरीक्षक समेत 13 लोगों को निलंबित कर दिया। सभी को तत्काल मुख्यालय ज्वाइन करने के आदेश दिये गए हैं। चेकिंग, प्रवर्तन के मामले में सभी लापरवाह पाए गए। इसके साथ ही चार पुलिस कर्मियों को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि रुड़की में अवैध शराब से हुई मौतों का मामला सामने आया है। सरकार ने संबंधित आबकारी विभाग के 13 अधिकारियों एवं 4 पुलिस कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और साथ ही घायलों के उपचार के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घटना में बीमार लोगों के उपचार व उनकी जान बचाने के सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।

मौतों के लिए योगी सरकार जिम्मेदार-अखिलेश
उधर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहरीली शराब से मौतों के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि शराब पीने से हो सकता है कि लोगों की जान ज्यादा जाए। इसकी वजह यह है कि लोगों को सरकार ने लालच दिया है कि गाय की सेवा अच्छी तभी होगी, जब आप शराब ज्यादा पिएंगे। लेकिन हमारे गरीब लोगों को यह नहीं पता, उन्हें पीनी कौन सी शराब है। सरकार को यह सब पता है और वह शराब पीने वालों को बढ़ाना चाहती है। सरकार को यह भी पता है कि कौन ऐसी जहरीली शराब बना रहा है। दरअसल प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में गोशालाएं बनाने के लिए गो कल्याण उपकर यानि सेस लगाने का फैसला किया था। इसके अन्तर्गत 0.5 प्रतिशत सेस शराब के अलावा उन सभी वस्तुओं पर है, जो उत्पाद कर के दायरे में आती हैं।

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