महीनो से फरार 62 साल की ‘मम्मी’ गिरफ्तार, जानिए अब तक कितनी हत्याएं कराईं 

113 अपराध के मामलों में वांटेड लेडी गैंगस्टर को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी दिल्ली की पांच खूंखार महिला अपराधियों में से एक थी. पुलिस के हत्थे चढ़ी 62 वर्षीय बसीरन को उसकी गैंग के सदस्य ‘मम्मी’ के नाम से बुलाते थे.

राजस्थान की रहने वाली बसीरन 45 साल पहले दक्षिण दिल्ली आई थी और झुग्गी-झोपड़ियों में अवैध शराब बेचती थी. उसने छोटे-मोटे अपराधों से शुरुआत की और अपराध की दुनिया में जल्द ही मशहूर हो गई.

डिप्टी पुलिस कमिश्नर रोमिल बानिया ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बसीरन को गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने परिवार से मिलने वहां आई थी. वह एक मामले में पिछले आठ महीनों से फरार थी. उसे कोर्ट द्वारा 25 मई को कुख्यात अपराधी घोषित किया गया और कानूनन उसकी आवासीय संपत्तियों की कुर्की कर ली गई.

डीसीपी के मुताबिक, बसीरन ने पुलिस को बताया कि उसने और उसके गैंग के सदस्यों आकाश और विकास ने यूपी के मिराज की हत्या की सुपारी ली थी. ये सुपारी उसकी सौतेली बहन मुन्नी बेगम ने 60 हजार रुपये में दी थी.

मुन्नी ही मिराज को बसीरन के संगम विहार स्थित घर पर सितंबर 2017 को लेकर आई थी. उसके बाद आकाश, विकास, नीरज और एक युवक ने मिराज को शराब के नशे में जंगल ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में शव को जला दिया.

महिला डॉन गिरफ्तार

वारदात के एक हफ्ते बाद किसी ने शव के अवशेष जंगल में देखे जाने की सूचना पुलिस दी. पुलिस ने उसके बाद आरोपियों में से एक युवक की गिरफ्तारी की, जिसने वारदात में शामिल अन्य लोगों की जानकारी दी. पुलिस ने बाकी सभी अपराधियों को इस साल जनवरी में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बसीरन तभी से फरार थी.

बसीरन के आठों बेटे भी उसके साथ नृशंस अपराधों में शामिल थे. जिसमें हत्या, ठेके पर हत्या, डकैती, शराब की तस्करी से लेकर छीना-झपटी तक के मामले शामिल हैं.

पुलिस अफसर ने बताया कि इस महिला का संगम विहार के कुछ सरकारी बोरबेल्स पर भी कब्जा था और वह अपने दो बेटों के साथ मिलकर पानी माफिया का अवैध कारोबार भी चलाती थी. उसमें से एक को मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999) के तहत गिरफ्तार किया गया था.

बेटों को भी अपराध की दुनिया में उतारा
बशीरन ने करीब 45 वर्ष पहले धौलपुर (राजस्थान) निवासी मलखान से शादी हुई थी। 1980 के दशक में पति के साथ दिल्ली आई नवजीवन कैंप झुग्गी, गोविंदपुरी में रहने लगी। 1990 के दशक में संगम विहार रहने चली गई।

आय का कोई स्थायी जरिया नहीं होने पर अवैध शराब बेचने लगी। उसने अपने बेटे वकील, शकील, शामिम, सलमान, फैजल उर्फ खड़का, सन्नी, राहुल व एक नाबालिग बेटे को अपराध करने के लिए प्रोत्साहित किया।

बशीरन और परिजनों पर 113 मामले दर्ज

बशीरन और उसके आठ बेटों के खिलाफ 113 मामले दर्ज हैं। इनमें अवैध शराब की तस्करी, हत्या, रॉबरी, सुपारी लेकर हत्या, झपटमारी और पानी माफिया आदि शामिल है। बशीरन के बेटे शामिम उर्फ गूंगा के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज है।

पुलिस का कहना है कि सभी के खिलाफ मकोका लगाने की तैयारी की जा रही है। बशीरन के खिलाफ एक्साइज एक्ट, कॉन्ट्रेक्ट किलिंग और हत्या के 9, शामिम के खिलाफ रॉबरी, डकैती, झपटमारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट, एक्सर्टोशन, हत्या का प्रयास व हत्या के 42, शकील के खिलाफ चोरी, एक्सर्टोशन, झपटमारी और एक्साइड एक्ट के 15, वकील के खिलाफ चोरी, एक्सर्टोसन, झपटमारी व झगड़े के 13, राहुल खान के खिलाफ रॉबरी, अपहरण व हत्या के 3, फैजल के खिलाफ आर्म्स एक्ट व चोरी के 9, सन्नी के खिलाफ आर्म्स एक्ट व चोरी के 9, सलमान के खिलाफ चोरी व एक्ससाइज एक्ट के 2 और नाबालिग बेटे के खिलाफ भी मामले दर्ज हैं।

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