
गाजीपुर। दुल्लहपुर थाना पुलिस को शुक्रवार की रात बड़ी सफलता मिली। उसने अंतरजनपदीय दो लुटेरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकावार्ता में पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह ने अभियुक्तों को मीडिया से मुखातिब कराया। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार में आए अभियुक्त शातिर लुटेरे के साथ ही सुपारी किलर है। प्रधानपति और डीजे में डांस के दौरान हुए विवाद में युवक को गोली मारकर हत्या की वारदात को इन्होंने ने ही अंजाम दिया था।एसपी ने बताया कि दुल्लहपुर थानाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह शुक्रवार की रात पुलिस कर्मियों के साथ क्षेत्र के जलालाबाद चौराहा पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहन की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो शातिर लुटेरे बाइक से आ रहे हैं। इस पर पुलिस टीम चौकन्ना हो गई।
इसी दौरान एक बाइक पर दो सवार आते दिखाई दिए। पास आने पर जैसे ही पुलिस ने रुकने का इशारा किया, वह भागना चाहे, लेकिन पुलिस ने घेरेबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम मरदह थाना क्षेत्र के नखतपुर गांव निवासी प्रदीप यादव और यही के प्रदीप उर्फ गोलू यादव बताया। दोनों के पास से 32 बोर का एक पिस्टल, 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस के साथ चोरी की बाइक बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ में अभियुक्त प्रदीप यादव ने बताया कि 8 नवंबर को मऊ जिले के पिपराडीह चौकी के पास से एक व्यक्ति को गोली मारकर 50 हजार नकदी और मोबाइल लूटा था। इस पैसे से आल्टो कार खरीदा था।
बताया कि वह हिमांशु उर्फ गोविंद के साथ मिलकर मरदह के नखतपुर निवासी अमित यादव के द्वारा एक लाख की सुपारी देने पर लहुरापुर के प्रधानपति संतोष राम को पनसेरवा पट्टी से पीछा कर उसके घर के पास गोली मारकर हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा 8 दिसंबर की रात करीब आठ बजे चुल्लू (रसूलपुर) मैं प्रदीप यादव उर्फ गोलू के मामा देवेंद्र यादव के यहां गया था। रविंद्र के बहन की बारात आई थी।
बारात में डीजे पर गाना बजाने की बात को लेकर कहा-सुनी व मारपीट हो गई थी। उसमें मेरे साथी हिमांशु उर्फ गोविद ने धरवार कला निवासी रौशन लाल यादव की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। अभियुक्त प्रदीप उर्फ गोलू यादव ने बताया कि मैं केवल कासिमाबाद थाना के रसूलपुर में हुई घटना में ही शामिल था। एसपी ने बताया कि प्रदीप यादव के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना सहित मऊ में कुल छह आपराधिक मामले दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक के साथ उपनिरीक्षक रामउग्रह पांडेय, उप निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, कांस्टेबल धनंजय सिंह, कां. संदीप पांडेय, कां. सत्येंद्र यादव, कां. सौरभ पटेल और कां. पवन चौहान शामिल थे।












