क्या इस तांत्रिक की सलाह पर लोकसभा में राहुल ने PM मोदी को लगाया था गले?

नई दिल्ली:  लोकसभा में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी का पीएम मोदी को गले लगाना वास्तव में एक सौहार्द का वातावरण बनाने की कोशिश थी या फिर उन्होंने ऐसा तांत्रिक के निर्देश पर किया? बीजेपी के नेता ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसलिए गले लगाया क्योंकि उन्हें एक तांत्रिक ने कहा था कि अपना भाषण खत्म कर उन्हें किसी भी कीमत पर पीएम की कुर्सी छूनी होगी।

बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा 

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने मंगलवार को ट्वीट किया था कि उनके एक नजदीकी दोस्त जो कि कांग्रेस के सांसद हैं, ने बताया कि ‘तांत्रिक ने राहुल गांधी से कहा था कि अगर आप पीएम बनना चाहते हैं तो आपको अपना भाषण खत्म करने के बाद किसी भी कीमत पर पीएम की कुर्सी छूनी होगी।’

एक इंटरव्यू में बग्गा ने यह जानकारी देनेवाले सांसद का नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरा दोस्त (कांग्रेस सांसद) पांच-छह लोगों के साथ जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल थे, बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि उनका पीएम से गले लगना राजनीतिक चाल नहीं थी बल्कि एक तांत्रिक के कहने पर उन्होंने ऐसा किया। बग्गा ने टेलीफोनिक इंटरव्यू में ये सारी बातें इंडिया टीवी डिजिटल को बताई।

 सवाल- आपने ट्वीट किया है कि राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण के लिए तांत्रिक से संपर्क किया था। क्या आप मानते हैं कि प्रधानंत्री पद पाने के लिए उन्होंने तांत्रिक से संपर्क किया था?

जवाब: यह मायने नहीं रखता कि मैं क्या मानता हूं। मुझे मेरे एक दोस्त ने मुझे यह बताया जो कि पंजाब से कांग्रेस का युवा सांसद है। बाद में इस बात पर मेरा भरोसा और पुख्ता तब हुआ जब पीएम मोदी को गले लगाने के बाद राहुल गांधी ने आंख मारी। राहुल गांधी द्वारा पीएम को गले लगाने से राष्ट्र में एक नई शुरुआत का अच्छा संदेश गया लेकिन आंख मारने से षड्यंत्र और संदेह पैदा हो गया। और आप यह कैसे भूल सकते हैं कि यह वही कांग्रेस है जिसके प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव चंद्रास्वामी नामक तांत्रिक से सरकार से हर मामले में संपर्क किया करते थे। तांत्रिक और काला जादू कांग्रेस के लिए नया नहीं है।

मेरा मानना है कि राहुल गांधी को जरूर इस मुद्दे पर अपनी सफाई देनी चाहिए क्योंकि अगर जो व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखता हो और वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो तो यह भारत के लिए शर्म की बात है।

सवाल: आपको इसके बारे में कैसे पता चला?
जवाब: मैं उस शख्स का नाम नहीं बता सकता। मैं  कांग्रेस के पांच से सात युवा सांसदों के ग्रुप में था तब मुझे यह जानकारी मिली।

सवाल: अच्छा चलिए अब मैं आपको अन्य मुद्दों की ओर ले चलती हूं, दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की क्या तैयारियां हैं?

जवाब: आपने देखा कि बीजेपी ने नगर निगम चुनाव एक बड़े अंतर से जीता। लोगों ने यह देखा है कि किस केजरीवाल वादे करते हैं और फिर बाद में उन वादों से मुकर जाते हैं। इसलिए लोगों ने एकबा फिर लोगों ने अपना भरोसा बीजेपी में जताया है। बीजेपी सभी 20 सीटों पर जीत हासिल करेगी? बीजेपी चुनाव के लिए हमेशा पूरी तरह से तैयार रहती है क्योंकि हमलोग जनता के बीच रहकर काम करनेवाले लोग हैं। जनता की समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं। जो भी समस्या हमारे संज्ञान में आती है हम उसे दिन-रात मेहनत करके जल्द से जल्द सुलझाने का काम करते हैं। इसलिए चुनाव के लिए हमें कोई विशेष तैयारी करने की जरूरत नहीं है।

सवाल: अगले चुनाव में आम आदमी पार्टी से आप किस तरह की प्रतिस्पर्धा की उम्मीद करते हैं?

जवाब: पिछले विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने बड़े-बड़े वादे किए। वाईफाई का वादा किया। उन्होने काह था कि पूरी दिल्ली को वाईफाई से लैस कर देंगे। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि तीन साल बाद भी वो किसी एक इलाके का नाम बता दें कि जिस उन्होंने वाईफाई से लेस किया हो। उन्होंने कहा कि 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे, लेकिन दिल्ली का एक भी मार्केट ऐसा नहीं है जहां ये कैमरे लगाए गए। उन्होने कहा था कि वे 20 कॉलेज बनाएंगे लेकिन पिछले तीन साल में एक भी कॉलेज नहीं बन सका।

दिल्ली की जनता यह देख रही है कि इस सरकार ने जो वादे किए थे उसे पूरा नहीं किया और इसमें कोई शक नहीं कि अगले चुनाव में वह तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह जाएगी।

सवाल: 2019 के लोकसभा चुनाव में आप बीजेपी से कैसे प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं?

जवाब: देश नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए जा रहे कामों को देख रहा है। 18 हजार गांव जो आजादी के 70 साल बाद भी अंधेरे से जूझ रहे थे उनमें बिजली पहुंचाई गई। 5 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत एलपीजी गैस मुहाया कराया गया और उन्हें लकड़ी के धुएं से निजात मिली। ड्राइवर और मजदूरी करनेवाले लोगों को बीमा की सुविधा प्रदान की…

सवाल: लेकिन ये योजनाएं और उपलब्धियां लोकसभा चुनाव में दिल्ली के मतदाताओं पर किस तरह प्रभावित करेंगी जहां कि इनमें से अधिकांश सुविधाएं पहले से मौजूद हैं?

जवाब: ये सुविधाएं इतने व्यापक तौर पर दिल्ली के अंदर उपलब्ध नहीं थी। सैकड़ों लोग स्लम में रहते हैं और वे पहली बार इन योजनाओँ के लाभार्थी बने। उदाहरण के लिए जंगपुरा विधानसभा को ले। इस इलाके में 27 स्लम हैं। अधिकांश लोग गरीब हैं। कोई ड्राइवर है, कोई मजदूरी करता है तो कुछ लोग ठेले लगाते हैं। सरकार ने इन लोगों को बीमा की सुविधा दी। अब अगर इन लोगों को कुछ भी होता है तो इनके परिवार को तुरंत दो लाख रुपये की मदद मिल जाएगी। दिल्ली-मेरठ हाईवे का हाल में पीएम मोदी ने उद्घाटन किया। इससे 20 मिनट से लेकर 1.30 घंटे तक सफर का समय बचता है। केंद्र की कई योजनाओं से दिल्ली को मदद मिली है। इसके साथ ही पिछले चार साल में हमने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है।

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