
आगरा
जिस महिला डॉक्टर ने आगरा के कोविड अस्पताल में पहली किलकारी सुनवाई थी, उस होनहार डॉक्टर की हत्या से शहर सन्न है। अब पता चला है कि प्रेमी डॉक्टर ने महज हॉट टॉक होने पर ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। परिजनों की शिकायत पर गिरफ्तार होने के बाद आरोपी डॉक्टर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने उससे हत्या में इस्तेमाल कार और चाकू भी बरामद किया है।
मृतका के परिजन अब आरोपी को मौत की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। दो दिन पहले आगरा के थाना डौकी इलाके के बमरौली कटारा क्षेत्र में खाली पड़े प्लॉट के पास एक महिला का शव मिला था। मृतका के पास से कोई आईडी और फोन नहीं मिला था। शव के गले और सर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने महिला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए थे। आरोपी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहा है कि गला दबाने के बाद उसने चाकू से वार करते हुए महिला डॉक्टर की हत्या की थी।
मृतका की शिनाख्त एसएन मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम के रूप में हुई थी। परिजनों ने बताया कि वे दिल्ली के शिवपुरी में रहते हैं। बेटी यहां नूरी दरवाजा क्षेत्र में किराए पर रह रही थी। परिजनों के मुताबिक एसएन मेडिकल में 2017 में पीजी में ऐडमिशन लेने के बाद उनकी दोस्ती एक साल सीनियर डॉक्टर विवेक तिवारी से हो गयी थी। विवेक वर्तमान में उरई में मेडिकल ऑफिसर है। डॉक्टर विवेक और योगिता के बीच सात साल से दोस्ती थी।मृतका के परिजनों के अनुसार काफी समय से डॉक्टर विवेक, योगिता पर शादी करने का दबाव बना रहा था। लेकिन डॉक्टर योगिता ने शादी से साफ इनकार कर दिया था। इसी वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया है।परिजनों का कहना है कि डॉक्टर योगिता दो दिन से गायब थीं और उन्होंने थाना एमएम गेट पर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई हुई थी। शव की शिनाख्त के बाद उन्होंने डॉक्टर विवेक तिवारी पर हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने रात में ही आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लिया था। योगिता के घर के बाहर निकलने पर एक कार में बैठ कर जाने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिली थी। हालांकि समार्ट सिटी के तहत लगे कैमरों में कार नजर नहीं आई थी।
कबूलनामे में आरोपी डॉक्टर ने कही ये बात
उरई से गिरफ्तार होकर थाना एम एम गेट लाए गए आरोपी डॉ विकास तिवारी ने पुलिस को पहले खुद के उरई में होने की बात कहकर बरगलाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने जब सीसीटीवी और फोन की सीडीआर दिखाई तो डॉक्टर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मंगलवार को जब योगिता से मिला और उसे कार में बिठाया तो उसी दौरान योगिता से कहासुनी होने लगी। गुस्से में आकर उसने योगिता का गला दबा दिया और फिर उसे बमरौली कटारा की तरफ ले गया और वहां कार में रखे चाकू से योगिता के सर पर कई वार किए। जब उसे यकीन हो गया कि योगिता मर गई है, तब उसने शव झाड़ियों में छिपा दिया और वहां से वापस उरई चला गया।पुलिस के अनुसार डॉक्टर अब काफी अफसोस कर रहा है। लेकिन जो अपराध उसने किया है, उसकी सजा तो भुगतनी ही पड़ेगी। आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि मृतका के दोस्त डॉक्टर विकास तिवारी ने हत्या की वारदात कबूल कर ली है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
योगिता को धमकी देने पर दो दिन पहले आए थे परिजन
डॉ योगिता के परिजनों का कहना है, ‘योगिता पर विकास तिवारी लगातार शादी का दबाव बना रहा था। उसने दो दिन पहले योगिता को उसकी डॉक्टरी की डिग्री कैंसिल करवा देने की धमकी दी थी।इसके बाद योगिता बहुत डर गई थी। उसके साथ पुलिस से शिकायत करने जाने के लिए परिजन आगरा आ रहे थे। परिजनों के आने से पहले ही विकास योगिता को बहाने से ले गया और घटना को अंजाम दे दिया। उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए।’
पिता कमिश्नर तो भाई है डॉक्टर
मृतका डॉक्टर योगिता गौतम के पिता अम्बेश कुमार वर्तमान में राजस्थान के उदयपुर में डेप्युटी कमिश्नर उदयपुर नवोदय विद्यालय समिति के पद पर तैनात हैं। वहीं योगिता के भाई डॉक्टर मोहिंदर गौतम दिल्ली में एमडी कर रहे हैं। बेटी के मामला बताये जाने पर वे लोग पहले ही आगरा आ गए थे।
होनहार थीं डॉक्टर योगिता गौतम
जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम काफी होनहार थीं। वह साल 2017 में यहां पढ़ाई के लिए आई थीं। कोरोना काल में उन्होंने लगातार कोविड अस्पताल में ड्यूटी की थी और उनके काम की काफी सराहना हुई थी। कई बार उन्होंने कोविड अस्पताल में काफी क्रिटिकल डिलिवरी सकुशल करवाई थी। 21 अप्रैल को दोपहर डेढ़ बजे उन्होंने गायनी विभाग की प्रभारी डॉ सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में साथी महिला डॉक्टर के साथ आगरा के कोविड अस्पताल में पहली सिजेरियन डिलिवरी कराई थी। इसके बाद लगातार उन्हें उपलब्धियां मिलती रही थीं।












