
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर खींचतान लगातार जारी है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था. बहुमत न होने के कारण बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है. ऐसे में राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का मौका दिया है. बीजेपी और शिवसेना दोनों ने गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लड़ा था. चुनाव परिणाम के बाद शिवसेना सीएम पद को लेकर अढ़ गई, जिससे मानने से बीजेपी मे साफ इनकार कर दिया। ऐसे में मुख्यमंत्री पद की चाहत शिवसेना अपने विरोधियों की तरफ देख रही है. सरकार बनाने को लेकर शिवसेना आज (सोमवार) कोई बड़ा फैसला ले सकती है.

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी उठापठक को लेकर ट्विटर पर #ShivSenaCheatsMaharashtra बड़ी तेजी से ट्रेंड कर रहा है. इस हैशटैग पर यूजर्स शिवसेना को याद दिला रहे हैं कि हिंदुत्व के लिए समर्पित बालासाहेब बाल ठाकरे की पार्टी किस तरह सत्ता के लिए अपना रंग बदल रही है.

महाराष्ट्र में सियासी हलचल लगातार तेज होती दिख रही है. बीजेपी ने राज्यपाल से मुलाकात कर साफ कर दिया है कि वह राज्य में अकेले सरकार नहीं बना सकती क्योंकि उसके पास संख्या बल नहीं है. इसके बाद रविवार को राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते शिवसेना से सरकार बनाने के लिए पूछा. इसी के बाद #ShivSenaCheatsMaharashtra हैशटैग ट्विवटर पर ट्रेंड करने लगा.

शिवसेना के कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिलाने पर यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि पुत्र मोह से राजनीति किस तरह बदल रही है.

एक यूजर्स ने तो शिवसेना के इस कदम को ऐतिहासिक भूल बता दिया. यूजर्स ने लिखा कि जिस तरह जयचंद ने पृथ्वीराज चौहान को हराने के लिए मोहम्मद गौरी से हाथ मिलाया था, कुछ उसी तरह की गलती शिवसेना कर रही है.

कुछ साल पहले एक 10 का नोट वायरल हुआ था जिस पर ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ लिखा था. कुछ उसी तरह का नोट अब वायरल हो रहा है जिस पर लिखा है, ‘शिवसेना बेवफा है’.

कहा जा रहा है कि आदित्य ठाकरे की जिद के आगे पिता उद्धव ठाकरे नतमस्तक हैं. ऐसे में उद्धव के मीम्स भी वायरल हो रहे हैं.

कुछ यूजर्स इस सियासी उठापठक को महाभारत की तरह भी देख रहे हैं जिसमें धृतराष्ट्र, उद्धव ठाकरे हैं. आदित्य, दुर्योधन की तरह हैं. संजय राउत, शकुनि की तरह काम कर रहे हैं और शिवसेना, कौरव सेना की तरह है.

एक यूजर ने लिखा कि आदित्य और उद्धव ने सिर्फ बीजेपी की पीठ में ही छुरा नहीं घोंपा बल्कि बालासाहेब की पीठ में भी छुरा घोंपा है.

बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ है और दोनों में से कोई दल अकेले सरकार नहीं बना सकता.

ऐसे में शिवसेना को सरकार गठन के लिए कांग्रेस-एनसीपी के समर्थन की जरूरत है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है.

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है.

ऐसे में शिवसेना को न सिर्फ एनसीपी बल्कि कांग्रेस को भी सरकार बनाने के लिए साथ में लेना होगा. उधर, सरकार गठन से बीजेपी के इनकार के बावजूद शिवसेना के तल्ख तेवर बने हुए हैं.

शिवसेना पार्टी नेता संजय राउत ने बीजेपी पर तंज करते हुए कहा कि यह सब सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए किया जा रहा था लेकिन अब वह पीछे हट गए तो बीजेपी का मुख्यमंत्री कैसे होगा.


उन्होंने कहा कि बीजेपी अपना सीएम भी नहीं बनाना चाहती है और शिवसेना को दिया गया वादा भी नहीं पूरा करना चाहती, ये कौन सी भूमिका है.













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