- हर साल दोहराया जाता है बेजुबान मौतों का यह दर्दनाक सिलसिला, प्रशासन की लापरवाही पर भड़के स्थानीय लोग
- नगर पालिका ने आनन-फानन में डलवाया चूना, तीर्थ के प्रधान पुजारी ने समय रहते सतर्कता बरतने की उठाई मांग
Misrikh, Sitapur : मिश्रिख-सीतापुर के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक दधीचि कुंड तीर्थ में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक सुरक्षा घेरा और संवेदनशीलता तार-तार होती नजर आई, जहां पानी में दम घुटने के कारण आज हजारों की संख्या में बेजुबान मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। पवित्र तीर्थ के पानी की सतह पर तैरती इन मृत मछलियों को देखकर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पवित्र कुंड में मछलियों के मरने का यह कोई पहला मामला नहीं है; बल्कि हर साल ठीक इसी मौसम में लापरवाही का यही खौफनाक सिलसिला बदस्तूर जारी रहता है, जिसे रोकने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
तीर्थ के प्रधान पुजारी राहुल शर्मा और स्थानीय लोगों ने इस भीषण लापरवाही पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि अगर मिश्रिख प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते सतर्क हो जाता, तो आज इन बेजुबान जीवों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और उचित रखरखाव न होने के कारण कुंड के पानी में अचानक ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो जाता है, जिससे हर साल हजारों मछलियां दम तोड़ देतीहैं। बार-बार आगाह करने के बावजूद प्रशासनिक अमला तब तक गहरी नींद में सोया रहता है, जब तक कि इतनी बड़ी तादाद में मछलियों की मौत नहीं हो जाती।पवित्र कुंड में हजारों मछलियों के मरने की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में हरकत में आई नगर पालिका की टीम ने कुंड में दवा और चूने का छिड़काव करवाया है, साथ ही पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल चलाकर नया पानी डालना शुरू कर दिया है। फिलहाल नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों द्वारा नावों की मदद से कुंड में तैर रही मृत मछलियों को बाहर निकालने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिर्फ हादसे के बाद जागने के बजाय प्रशासन को इस पौराणिक और आस्था के केंद्र की गरिमा बनाए रखने के लिए कोई स्थाई समाधान खोजना चाहिए।












