रेवाड़ी गैंगरेप : चार दिन बाद हुई गिरफ्तारी, हटाए गए SP…

रेवाड़ी : हरियाणा के रेवाड़ी जिले में 19 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की वीभत्स घटना के बाद जिले के एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया है। मामले में आरोपियों की मदद करने वाले एक शख्स को अरेस्ट कर लिया गया है, जबकि एक डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में कई स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि सभी आरोपी जल्द ही चंगुल में होंगे।

रेवाड़ी में छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले के बाद एक्शन में आयी सरकार 

रेवाड़ी में छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले के बाद सरकार ने ऐक्शन लेते हुए रेवाड़ी के एसपी राजेश दुग्गल का ट्रांसफर कर दिया गया है। राहुल शर्मा को रेवाड़ी का नया एसपी बनाया गया है। इस भयावह अपराध के चार दिनों एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और उम्मीद है कि बारी आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ जाएंगे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा, ‘तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को जानते थे। यह तो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक आरोपी सेना का जवान है। आरोपियों की तलाश जारी है। हमने एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया है। उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।’

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले के संबंध में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। युवती के परिजनों ने रेवाड़ी में रविवार को कहा कि पीड़ित लड़की को गहरा आघात पहुंचा है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। पीड़िता की मां ने आरोपियों को फांसी पर लटका देने की मांग करते हुए जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को उनको दिए गए 2 लाख रुपए का चेक वापस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, हमें इस चेक की जरूरत नहीं है। क्या यह कीमत उनकी बेटी की इज्जत के लिए रखी जा रही है? हमें बस न्याय चाहिए। हमने कानून के लंबे हाथों के बारे में सुना है लेकिन पुलिस क्या कर रही है? आरोपियों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है।

हरियाणा पुलिस ने नूह की पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के नाम और फोटोग्राफ जारी किए थे, उनकी पहचान सेना के जवान पंकज और मनीष तथा नीशू के रूप में की गयी है। दक्षिण पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मॉथसन ने शनिवार को जयपुर में कहा था कि वह जांच में पुलिस की मदद करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, लड़की को नशे के इंजेक्शन देकर उसके साथ बर्बरतापूर्वक करीब दर्जनभर लोगों ने 8 घंटे तक रेप किया। हालांकि, एफआईआर में अभी सिर्फ तीन आरोपियों का नाम ही है। डॉक्टर के पहुंचने तक पीड़िता का ब्लड प्रेशर काफी लो हो चुका था।

रेप के बाद बस स्टॉप पर पीड़िता को छोड़ा 
नयागांव के एक निवासी ने बताया कि डॉक्टरों ने उन लोगों से बताया था कि पीड़िता का ब्लड प्रेशर काफी कम हो चुका है (टीओआई द्वारा इस तथ्य की पुष्टि नहीं की जा सकी है)। यह सुनने के बाद तीनों ने पीड़िता को उठाकर 40 किलोमीटर दूर महेंदरगढ़ के कनीना बस स्टॉप पर छोड़ दिया। आरोपियों ने यहीं से सुबह पीड़िता को अगवा किया था। आरोपी मनीष ने यहां से पीड़िता के पिता को फोन कर बताया कि उसने उनकी बेटी को बस स्टॉप पर बेहोशी की हालत में देखा है।

परिवार को अच्छे से जानते थे आरोपी 
जिन तीन आरोपियों पंकज, मनीष और निशू का एफआईआर में नाम है, ये सभी पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं और पीड़िता और उसके परिवार को अच्छे से जानते थे। इसी बीच डॉक्टर ने स्थानीय लोगों को पीड़िता के साथ हुई घटना के बारे में बता दिया। बात धीरे-धीरे पीड़िता के घरवालों तक पहुंच गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को डॉक्टर की पहचान हो गई है और उन्हें सुरक्षा महैया कराई गई है। हालांकि रविवार को उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। माना जा रहा है कि उनका बयान इस केस में बेहद महत्वपूर्ण होगा।

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