
देश की राजधानी नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का भव्य आगाज हो चुका है। दुनिया भर के दिग्गज नेताओं के आगमन से भारत कूटनीति के केंद्र में आ गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान दिल्ली पहुंच चुके हैं। प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ में 13 और 14 सितंबर को होने वाले इस विशाल शिखर सम्मेलन में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा। इस आयोजन के मद्देनजर दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के साथ व्यापक ट्रैफिक बदलाव लागू किए गए हैं।
PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच मेगा मीटिंग जारी, गिफ्ट की खास किताब
दिल्ली पहुंचते ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को प्रसिद्ध तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की पुस्तक का रूसी अनुवाद उपहार स्वरूप भेंट किया।
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2030 तक $100 Billion का व्यापार लक्ष्य: सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य तय किया जा सकता है।
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इन अहम मुद्दों पर चर्चा: वार्ता में औद्योगिक सहयोग, रेलवे और टनलिंग तकनीक, स्टील वैल्यू चेन, सिविल न्यूक्लियर (फ्यूल व लाइफ साइकिल सपोर्ट) और रूसी बाजारों तक भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने पर गहराई से बात हो रही है।
ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात और 7 साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा
रूसी राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद पहली बार भारत आ रहे हैं। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच शनिवार शाम को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता तय है, जिसमें भारत-चीन सीमा विवाद, एलएसी पर शांति और व्यापारिक संतुलन पर सीधी बातचीत होगी। समिट में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, इथियोपिया के शीर्ष नेताओं समेत संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का समापन ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ के साथ होगा।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 15 हजार जवान और 500 CCTV तैनात
सुरक्षा की दृष्टि से राजधानी को छावनी में बदल दिया गया है। करीब 15,000 दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। रोजाना लगभग 70 से 80 हाई-सिक्योरिटी वीवीआईपी मूवमेंट्स होंगे, जिनकी सुगम आवाजाही के लिए 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को राजधानी के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन, जानिए किन रूटों से बचें
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूरे शहर को बंद नहीं किया गया है, लेकिन वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान थोड़े समय के लिए रास्तों को रोका जाएगा।
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प्रभावित मार्ग: मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग समेत 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का प्रभाव रहेगा।
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मेट्रो व इमरजेंसी सेवाएं: दिल्ली मेट्रो और बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन कुछ बसों के रूट बदले जा सकते हैं।
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सलाह: नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से आईजीआई एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों, यूपीएससी/एनडीए परीक्षार्थियों और अस्पताल जाने वाले लोगों को समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है। किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत ट्रैफिक पुलिस से संपर्क करने को कहा गया है।















