बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां उच्च शिक्षित एक महिला ने अपने डॉक्टर पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए बेरहमी से प्रताड़ित करने, जान से मारने की धमकी देने और दो बार तीन तलाक देने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि जब वह उत्तराखंड में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए इंटरव्यू देने गई थी, तभी उसके डॉक्टर पति ने बीच रास्ते में उसका रास्ता रोका और सरेराह तीन तलाक दे दिया। बरेली जोन के एडीजी (ADG) रमित शर्मा के सख्त निर्देश के बाद कैंट पुलिस ने आरोपी डॉक्टर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निकाह के बाद से ही करोड़ों की डिमांड, अस्पताल बनाने का बना रहे थे दबाव
कैंट थाना क्षेत्र के मलिक इन्क्लेव (नकटिया) की रहने वाली शबनम खान (बदला हुआ नाम) का निकाह 5 नवंबर 2019 को हरिद्वार के लक्सर निवासी डॉ. मुस्तकीम के साथ हुआ था। शबनम का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने कम दहेज लाने के ताने देने शुरू कर दिए और उनके सारे कीमती जेवर अपने कब्जे में ले लिए। मुस्तकीम चूंकि एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर है, इसलिए ससुराल वाले लगातार दबाव बना रहे थे कि उसे आगे एमडी (MD) की पढ़ाई करनी है और अपना एक बड़ा निजी अस्पताल खोलना है, जिसके लिए उन्हें मायके से करोड़ों रुपये लाकर देने होंगे।
इंटरव्यू सेंटर के बाहर रास्ता रोककर सरेआम दिया पहला ‘तीन तलाक’
शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के चलते पीड़िता लंबे समय से अपने मायके बरेली में रह रही थी। पीड़िता ने बताया कि 3 जनवरी 2025 को वह अपने पिता के साथ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के इंटरव्यू के लिए हरिद्वार गई थीं। तभी इंटरव्यू सेंटर के बाहर उनके पति मुस्तकीम, जेठ और दो अन्य लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। वहां पैसों की मांग को लेकर विवाद किया गया और जब शबनम ने विरोध किया, तो डॉक्टर पति ने वहीं सरेआम तीन तलाक बोल दिया। इस खौफनाक मंजर को देखकर पीड़िता के बुजुर्ग पिता की तबीयत भी बिगड़ गई।
फैमिली कोर्ट में दोबारा दोहराई बात, बोला- ‘सिर्फ शरीयत मानूंगा, UCC नहीं’
शबनम ने अपना घर बचाने के लिए बरेली के पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) का सहारा लिया था। आरोप है कि बीती 3 जुलाई को कोर्ट परिसर में सुनवाई के दौरान भी पति ने सबके सामने दोबारा तीन तलाक देने की बात दोहराई। महिला का दावा है कि उनके पति ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि वह केवल शरीयत को मानता है, भारतीय कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) को नहीं मानता। यही नहीं, आरोपी पति लगातार उसे दूसरी शादी करने और मना करने पर चेहरे पर तेजाब डालने की खौफनाक धमकियां भी दे रहा था।
70 बीघा जमीन पर 600 बीघा का फर्जी सट्टा, मना करने पर मिली प्रताड़ना
शबनम ने अपनी शिकायत में ससुराल पक्ष के एक और बड़े आर्थिक घोटाले का पर्दाफाश किया है। महिला का आरोप है कि उसके ससुराल वालों के पास कुल 70 बीघा जमीन है, लेकिन वे कागजों में हेरफेर करके 600 बीघा का रकबा दिखाते हैं और गन्ने की पर्चियों का फर्जी भुगतान उठाते हैं। वे शबनम के नाम पर भी ऐसा ही एक अवैध और फर्जी सट्टा खुलवाना चाहते थे। जब शबनम ने इस गैरकानूनी काम में शामिल होने से साफ मना कर दिया, तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
एडीजी के आदेश पर कैंट थाने में 5 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
लगातार मिल रही तेजाब फेंकने और जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने बरेली के एडीजी रमित शर्मा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीजी के निर्देश पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर पति मुस्तकीम समेत परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










