
फोटो-बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करतीं जिलाधिकारी
दुबौलिया ,बस्ती ।शारदा , गिरिजा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसके कारण तटवर्ती इलाकों में बसे करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सुबह से ही प्रशासनिक अमला बाढ़ से घिरे गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर गौरा सैफाबाद पर पानी का दबाव तेजी से बना हुआ है, वहीं नदी और तटबंध के बीच किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है ।बाढ़ से घिरे गांव सुविखा बाबू , टेढवा, भूअरिया, विसुनदास पुर की दलित बस्ती , सतहा, कुर्मियान,किसुनपुर, मौजपुर, कनघुसरा, नाऊ का पुरवा कोइरी का पुरवा आदि गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड विभाग संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ा दिया है ,बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि अभी नदी का जलस्तर करीब 1 मीटर बढ़ने का अनुमान है जिससे नदी और तटबंध के बीच बसे गांव में बाढ़ का पानी घुसने का अनुमान है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर है ,अभी नदी का जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है ।वहीं प्रशासन द्वारा सोमवार की सुबह से ही बाढ़ से घिरे गांव सुविखा बाबू टेढवा, भूअरिया,आदि गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अपील कर रही है।
सरयू नदी की बाढ से हर साल सुविखा बाबू विशुनदास पुर की दलित बस्ती मैरुंड हो जाता है जिसके लिए विशुनदासपुर की दलित बस्ती के लोगो को बांध के उत्तर तरफ पट्टे पर जमीन दिया गया है लेकिन वहां आवास बनाकर बाढ़ पीडित स्थापित नही हुए है ।सुविखा बाबू गांव को बाढ से निजात दिलाने के लिए रिंग बांध की जरुरत है जिसके लिए प्रयास द्वारा प्रयास न किये जाने से ग्रामीणो मे आक्रोश है ।











