कुछ अलग तरह का स्वाद है इन छोले भटूरे का


भास्कर समाचार सेवा
नई दिल्ली। वाह क्या स्वाद है छोले भठूरे का नाम सुनकर किस के मुंह में पानी नहीं आता है। अगर आप पूर्वी दिल्‍ली के 118 ,हरगोविंद एन्क्लेव जो की करकरडूमा मेट्रो स्टेशन से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर है, पर आ रहे है या या ट्रिप प्लान करते है और फूड लवर हैं तो श्री राधा कृष्णा छोले भठूरे वालों के छोले-भटूरे खाना न भूलें, वरना आपको लगेगा कि काफी कुछ मिस कर दिया। आपको सबसे पहले टोकन लेना होता है जिसके बाद फ़ूड काउंटर पर आपको छोले भठूरे से सजी थाली मिलती है जिसकी भीनी भीनी आपको उसका स्वाद लेने के लिए बेचेन कर देती है। पूर्वी दिल्‍ली की इस खास जगह पर मिलने वाले छोले-भटूरों का स्‍वाद बेहद लजीज है। जी हां यहां छोले-भटूरों के साथ मसालेदार चटपटे आलू भी सर्व किए जाते हैं। हालांकि आजकल पिंडी ही नहीं, कहीं काबुली तो कहीं पंजाबी छोलों के साथ भी भटूरे सर्व किए जाते हैं। हां इन छोले-भटूरों की एक खास बात और है कि ये बेहद साफ-सफाई से बनाये जाते हैं। यानी कि स्‍वाद के साथ ही आपकी सेहत का ख्‍याल रखा जाता है। श्री राधा कृष्ण छोले भठूरे के मालिक मुकेश तोमर ने ” दैनिक भास्कर ” प्रतिनिधि जितेंदर शर्मा से बातचीत की उन्होंने बताया की छोले भठूरे का काम लगभग 18 साल पहले ए जी.सी.आर एन्क्लेव में शुरू किया था। हालांकि एक दो बार जगह भी बदलनी पड़ी लेकिन पब्लिक का प्यार और हमारे छोलें भटूरे का स्वाद ग्राहकों की दूरी बढ़ा नहीं पाया ” मुकेश तोमर” कहते है की अगर बात करे क्वालिटी की तो हम छोले, और अन्य सामग्री उच्चतम क्वालिटी की लगाते है। क्योंकि स्वाद तभी आता है जब उसमे मसाले भी जानदार हो देखिये में बहुत साधारण आदमी हु मेरा एक ही उद्देश्य है की अगर हम ग्राहक से पैसे लेते है तो उसे नम्बर वन क्वालटी का फ़ूड दे छोले भठूरे के साथ साथ कस्टमर बोलते थे आप इतना लाजवाब स्वाद देते है तो क्यों न आप खाना भी बनांना शुरू करो तभी हमने ग्राहकों की डिमांड पर नान,रोटी , दाल मखनी, साही पनीर, चाप , लच्छा परांठा , लस्सी , आदि वो सभी कुछ रखना शुरू कर दिया जिसका हमें लगा की खाने में ये सब होना चाहिए। और सच बताऊ बड़ा अच्छा फील होता है जब लोग खाने की तारीफ करते है। कुशल कारीगरों के साथ हम लोग वर्षो से ये स्वाद बरक़रार रखे हुए है। अगर बात करी जाये एक भठूरे की थाली तो एक व्यक्ति के खुराक पूरी कर देती है। छोले की बात ही नहीं हमारी सभी सब्जियाँ हम खुद के पिसे मसालों में पकाते हैं और छोले का एक एक दाना गला होता हैं। छोले के साथ ही सूखे मसालेदार आलू , लच्छेदार प्याज , पुदीने की चटनी , आंवले के अचार , के साथ छोले भठूरे का स्वाद सोने पर सुहागा हो जाता है। अगर आप ऑनलाइन आर्डर करते है तो उसके लिए पार्टनर एप जोमेटो पर भी आर्डर कर सकते है , अब इतना सब सुनने के बाद जब हमने खाना खाया तो पता लगा हाँ जैसा सुना था उससे कहीं ज्यादा पाया आप छोले टेस्ट करते समय आराम से उसमे डाले गए बेहतरीन सुंगंधित मसाले का जायका बता सकते है। बात नान और शाही पनीर की करें तो दोनों का जोड़ लाज़वाब है , इसके साथ मलाई दार ग्रेवी चाप का तो कहना ही क्या स्वाद के मामले में हर एक डिश एक दूसरे से कॉम्पिटिशन करती नज़र आती है,बड़ी दूर दूर से लोग यहाँ खाने के बेहतरीन स्वाद के लिए आते है ,तो यदि आप भी यहाँ आये तो एक बार यहाँ के फ़ूड जाएखे का आनंद ले सकते हैं।

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