नई दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड सलीम डोला आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। सालों से भारतीय एजेंसियों को चकमा दे रहे 59 वर्षीय डोला को तुर्की (Turkey) में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है। मुंबई के डोंगरी का रहने वाला यह शातिर अपराधी इंटरपोल के रडार पर था, लेकिन उसकी एक छोटी सी मानवीय भूल ने उसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के जाल में फंसा दिया।
एक कूरियर और खत्म हो गया ‘डॉन’ का खेल
सलीम डोला को पकड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। करीब डेढ़ साल से वह इस्तांबुल के एक गुप्त ठिकाने पर पूरी तरह अंडरग्राउंड था। बताया जा रहा है कि इस दौरान उसने अपने कमरे की दहलीज तक पार नहीं की थी। लेकिन हाल ही में डोला ने एक कूरियर ऑर्डर किया और जल्दबाजी में अपना असली पता डिलीवरी के लिए दे दिया। इसी डिजिटल लेन-देन ने उसकी लोकेशन उजागर कर दी। भारतीय एजेंसियों ने तुरंत इसकी सूचना इंटरपोल और इस्तांबुल पुलिस को दी, जिसके बाद छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया। आगामी मंगलवार (05 मई 2026) को उसे दिल्ली लाया गया।
‘भूसे के ढेर में सुई’ जैसा था मिशन
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सलीम डोला की तलाश ‘भूसे के ढेर में सुई’ ढूंढने जैसी थी। वह लगातार अपनी पहचान, पासपोर्ट और ठिकाने बदल रहा था। डोला ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और तुर्की पुलिस के समन्वय से यह मिशन सफल रहा। गुरुवार (01 मई 2026) को मुंबई की एक विशेष अदालत ने उसे 08 मई 2026 तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की रिमांड में भेज दिया है।
तिजोरी से मिले तीन पासपोर्ट, ‘हमजा’ बनकर दे रहा था झांसा
गिरफ्तारी के बाद जब डोला के ठिकाने की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। वहां से तीन पासपोर्ट बरामद हुए—दो भारतीय और एक बुल्गारियाई (Bulgarian) पासपोर्ट। तुर्की में वह ‘हमजा’ नाम की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। अब एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि उसे बुल्गारियाई पासपोर्ट कहां से मिला और इसमें अंडरवर्ल्ड के किन मददगारों का हाथ है।
ड्रग्स कारोबार और दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन
NCB ने कोर्ट में दलील दी कि सलीम डोला केवल एक भगोड़ा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का मुख्य सप्लायर है। जून 2023 में दक्षिण मुंबई से जब्त की गई ‘मेफेड्रोन’ (Mephedrone) की भारी खेप के पीछे डोला का ही दिमाग था। वह डी-कंपनी (D-Company) के नारको-टेररिज्म नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से अब दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और तुर्की में छिपे अन्य गुर्गों के बारे में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।














