UP panchayat election news: यूपी पंचायती चुनाव में ऐसे लागू होगा आरक्षण, यहाँ पढ़े पूरी खबर

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में आरक्षण लागू होने के आसार साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली में किए गए दसवें संशोधन की दो धाराओं को मंगलवार को हटा दिया गया है। जिसके चलते अब मुरादाबाद, गोंडा, संभल और गौतमबुद्धनगर सहित सभी 75 जिलों में एक समान आरक्षण फार्मूले पर अमल किया जाएगा।

पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2015 में ग्राम-प्रधान व ग्राम पंचायत के आरक्षण चक्र को शून्य मानने के साथ पंचायत राज नियमावली में बदलाव करते हुए नए सिरे से आरक्षण लागू किया गया था। नियमावली की धारा चार व पांच में यह कहा गया है कि पुनर्गठित ग्राम पंचायतों के आरक्षण को शून्य मान लिया जाएगा। इस बार यूपी के तीन जिलों की पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है, जबकि एक जिला (गौतमबुद्धनगर) का परिसीमन किया गया है।

उन्होंने बताया कि नियमावली के दसवें संशोधन के अनुसार देखा जाता तो दोनों धाराओं के रहते इन चारों जिलों के आरक्षण चक्र को शून्य घोषित करना पड़ता। इसी के चलते मंगलवार को पंचायतीराज नियमावली में ग्यारहवां संशोधन किया गया। जिसके बाद अब कैबिनेट बाई सर्कुलेशन द्वारा मंजूरी मिलने से सभी 75 जिलों में एक समान आरक्षण लागू हो सकेगा।

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कोटा अनिवार्य
जानकारी के मुताबिक, चक्रानुक्रम आरक्षण के फार्मूले को ही आगे बढ़ाया जाएगा। जिसके चलते वर्ष 2015 के चुनाव में जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित थी, उस वर्ग के लिए यथासंभव वह सीट आरक्षित नहीं रहेगी। यूपी की पंचायतों के लिए आरक्षण नीति का विस्तृत आदेश आने वाले एक से दो दिन में जारी किया जाएगा।

वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर इसबार आरक्षण लागू किया जाएगा। पंचायती चुनाव में अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को प्रथम वरीयता दी जाएगी। जिसके लिए इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा कि अनुसूचित व पिछड़े वर्ग के साथ सामान्य वर्ग की महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण कोटा अनिवार्य तौर से पूरा हो।

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