कोलकाता/चेन्नई: पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार शाम एक ऐसा भूचाल आया जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्यपाल आरएन रवि ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। राजभवन से जारी इस आदेश के बाद अब ममता बनर्जी सरकार के पास कोई कार्यकारी शक्ति नहीं बढी है।
ममता कैबिनेट हुई पावरलेस, बंगाल में संवैधानिक संकट?
राज्यपाल के इस फैसले का सीधा अर्थ यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कैबिनेट मंत्रियों के पास अब कोई आधिकारिक पावर नहीं रहेगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बुधवार को ममता बनर्जी ने कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। विधानसभा भंग होने के बाद अब राज्य में राष्ट्रपति शासन या चुनाव की आहट तेज हो गई है।
हिंसा की आग में झुलसा बंगाल: भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बंगाल के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। हावड़ा के शिवपुर में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई है। इससे पहले बुधवार की रात नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे राज्य का माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ था।
तमिलनाडु का सियासी ‘क्लाइमेक्स’: विजय की पार्टी TVK से मांगा गया बहुमत का सबूत
दूसरी तरफ दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी सत्ता का संघर्ष चरम पर है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) को 108 सीटें मिली हैं, लेकिन राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है। वर्तमान में TVK को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन हासिल है। इस बीच, AIADMK ने टूट के डर से अपने 47 में से 28 विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है।
अजीबोगरीब समीकरण: क्या कट्टर दुश्मन DMK और AIADMK आएंगे साथ?
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे चौंकाने वाला दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा है। खबर है कि दशकों से एक-दूसरे की धुर विरोधी रही DMK और AIADMK के बीच सरकार बनाने को लेकर ‘बैकचैनल’ बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक ऐसे फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है जिसमें AIADMK सरकार बनाएगी और DMK उसे बाहर से समर्थन देगी। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कांग्रेस का तीखा पलटवार: ‘INDIA ब्लॉक DMK के कहने से खत्म नहीं होगा’
गठबंधन में मची रार पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि “DMK के कहने से INDIA ब्लॉक खत्म नहीं होने वाला है। राष्ट्रीय स्तर पर केवल कांग्रेस ही भाजपा और RSS से लड़ सकती है।” उन्होंने क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस कार्यकर्ता गठबंधन के बावजूद सत्ता में भागीदारी न मिलने से तड़प रहा था। उदित राज ने साफ किया कि अगर DMK साथ नहीं रहती, तो कांग्रेस अब TVK के साथ विकल्प तलाशेगी।
राज्यपाल पर बरसे कपिल सिब्बल: ‘BJP को मौका देने के लिए की जा रही देरी’
वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सिब्बल ने आरोप लगाया कि राज्यपाल जानबूझकर समय बर्बाद कर रहे हैं ताकि भाजपा को जोड़-तोड़ करने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए, बहुमत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि सदन के फ्लोर पर होना चाहिए।
VCK की शर्त: ‘BJP के दबाव में नहीं आने का भरोसा दे TVK, तभी मिलेगा समर्थन’
सरकार बनाने की इस दौड़ में VCK (विदुथलाई चिरुथिगल कात्ची) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। नेता एसएस बालाजी ने कहा कि वे विजय की पार्टी TVK को समर्थन तभी देंगे जब उन्हें यह पक्का यकीन हो जाएगा कि TVK भविष्य में भाजपा या आरएसएस के दबाव में काम नहीं करेगी।















