गणपति बप्पा मोरया के जयकारे से गूंजा उत्तर प्रदेश

लखनऊ,.  राजधानी लखनऊ समेत लगभग समूचे उत्तर प्रदेश में गुरूवार से शुरू हुये गणेशोत्सव की धूम मच गयी है।

गणेश चर्तुदशी के मौके पर लखनऊ के अलावा कानपुर,बाराबंकी,इलाहाबाद,मेरठ,बरेली,फैजाबाद और वाराणसी समेत हर छोटे बडे शहरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ गणेशोत्सव की विधिवत शुरूआत हो चुकी है। तड़के से ही रंग और गुलाल के साथ नाचते गाते श्रद्धालुओं की टोली विघ्नहर्ता की स्थापना में देखी जा सकती थी।

एक अनुमान के मुताबिक लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1500 पांडाल गणेशोत्सव की महिमा का बखान कर रहे है। कानपुर में भी कमोवेश यही हाल है। यहां दो से ढाई हजार पांडाल शहर भर में छाये हुये हैं। बरेली, वाराणसी और आगरा समेत अन्य दूसरे शहरों में भी गणेश पर्व की धूम मची हुयी है।

गणेश प्रतिमा के निर्माण में लगे शिल्पकार राम मनोहर ने बताया कि पिछले कुछ सालों में महाराष्ट्र के प्रमुख पर्व का क्रेज उत्तर प्रदेश में तेजी से बढा है जिस कारण उनका परिवार महाराष्ट्र के नासिक को छोड कर अपने प्रदेश में जडे जमाने में लग गया। गणेशोत्सव के बाद दुर्गा पूजा में भी प्रतिमाओ की खासी मांग होती है जिसको पूरा करने के लिये उन जैसे सैकडो परिवार दिन रात जुटे रहते है।

उन्होने बताया कि एक फुट की प्रतिमा का रेट एक हजार होता है। आर्डर के हिसाब से बडी प्रतिमाओ का निर्माण किया जाता है। इस बार उसने 12 फिट तक की प्रतिमा का निर्माण किया है जिसे बनाने मे सीढी का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा घरों में स्थापित की जाने वाली छोटी प्रतिमाओं की मांग में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।

पुलिस ने गणेशोत्सव के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये है। उत्सव के दौरान शरारती तत्वों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। कई पांडाल में आयोजकों ने सीसीटीवी कैमरे लगाये है। हुडदंग से बचने के लिये तेज आवाज के वाद्य यंत्रों से परहेज रखने के निर्देश दिये गये है।

 

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