Varanasi Flood Alert: वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ा जलस्तर; वरुणा का पानी बस्तियों में घुसा, नाव संचालन पर रोक

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर बनारस के घाटों और तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है। गंगा नदी अब चेतावनी बिंदु की ओर तेजी से अग्रसर है, वहीं सहायक नदी वरुणा का पानी किनारे की घनी बस्तियों तक पहुंच गया है। जलस्तर में इस अचानक वृद्धि से तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं।

4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी, 68.10 मीटर पहुंचा जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज स्टेशन के अनुसार, गंगा का जलस्तर 68.10 मीटर दर्ज किया गया है। वर्तमान में नदी में करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से बढ़ाव जारी है।

  • चेतावनी बिंदु (Warning Level): 70.26 मीटर

  • खतरे का निशान (Danger Level): 71.26 मीटर

जलस्तर में आ रही इस तेजी को देखते हुए जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की टीमें 24 घंटे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

घाटों का संपर्क टूटा, छतों पर हो रही गंगा आरती और शवदाह

गंगा में आए उफान का सबसे बड़ा असर बनारस के ऐतिहासिक घाटों और धार्मिक गतिविधियों पर पड़ा है:

  • घाटों का संपर्क ठप: अस्सी, तुलसी, दशाश्वमेध, शिवाला, केदार, हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका समेत शहर के सभी 84 घाटों के आपसी संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।

  • गंगा आरती का स्थान बदला: दशाश्वमेध और प्राचीन शीतला घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध संध्या गंगा आरती को सुरक्षा कारणों से छतों और ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

  • शवदाह में दिक्कतें: मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के मुख्य प्लेटफॉर्म पानी में डूब जाने के कारण शवदाह गलियों और ऊपरी परिसरों में कराया जा रहा है, जिससे परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है।

नाव संचालन पर पूरी तरह रोक, नाविकों की रोजी-रोटी पर संकट

गंगा की तेज धारा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नौकायन (नावों के संचालन) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। भादो महीने में पर्यटन ठप होने और नौकायन बंद रहने से नाविकों और घाट पंडे-पुरोहितों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। नाव बंद होने से दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

वरुणा नदी का पानी रिहाइशी इलाकों में घुसा, अलर्ट जारी

गंगा के जलस्तर में बैकफ्लो के कारण सहायक नदी वरुणा भी उफान पर है। वरुणा का पानी कॉरिडोर को पार करते हुए आसपास की घनी आबादी वाले इलाकों में समाने लगा है।

  • प्रभावित इलाके: सरैया, नक्खीघाट, ढेलवरिया, हुकुलगंज, बघवानाला और पिपरहवाघाट।

इन निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों और बनाए गए राहत शिविरों में जाने की अपील की है।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha