VIDEO : भिंड के ऐतिहासिक मां मंगला देवी मेले में फिल्मी गानों पर ‘फूहड़’ डांस, सीएमओ की अजीबोगरीब दलील-लड़की के भेष में….

भिंड (लहार)। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहार में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक मां मंगला देवी मेला महोत्सव इस समय चौतरफा विवादों और जन-आक्रोश के घेरे में आ गया है। लाखों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े इस बेहद पवित्र आयोजन के मुख्य मंच पर फिल्मी गानों पर हुए कथित फूहड़ और अश्लील डांस के कई वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर जैसे ही इस अश्लील नृत्य के वीडियो वायरल हुए, वैसे ही इंटरनेट पर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठने लगे। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर एक धार्मिक और सांस्कृतिक मेले के मंच पर ऐसी फूहड़ता परोसने की अनुमति किसने और क्यों दी? इस पूरे मामले में अब लहार नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी गंभीर कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।

पवित्र धार्मिक मंच पर मर्यादा की धज्जियां, फिल्मी गानों पर थिरकीं डांसर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहार नगर पालिका प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी भाटनताल मैदान में मां मंगला देवी मेला महोत्सव का भव्य आयोजन कराया गया था। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक विशाल मंच तैयार किया गया था, लेकिन इसी मंच का उपयोग कथित तौर पर मर्यादाओं को तार-तार करने के लिए किया गया। कार्यक्रम के दौरान आधी रात को तेज आवाज में फिल्मी गानों पर महिला डांसरों द्वारा ऐसी प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें देखकर वहां मौजूद संभ्रांत नागरिक और परिवार सन्न रह गए। स्थानीय लोगों ने इन प्रस्तुतियों पर तुरंत कड़ी आपत्ति जताई और इसे सदियों पुरानी धार्मिक आयोजन की मर्यादा और मां मंगला देवी की पवित्रता के खिलाफ बताते हुए जमकर हंगामा काटा।

बीजेपी विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के फोटो के पीछे छिपी अश्लीलता! वीडियो वायरल

देखते ही देखते इस शर्मनाक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह वायरल हो गया। वायरल हो रहे वीडियो में जो सबसे चौंकाने वाली और विवादित बात सामने आई, वो यह थी कि जिस मंच पर यह फूहड़ डांस चल रहा था, ठीक उसी मंच के बैकग्राउंड बैनर पर क्षेत्रीय बीजेपी विधायक अम्बरीष शर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी हुई थीं। यही नहीं, बैनर पर नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) का नाम भी साफ तौर पर चमक रहा था। सत्ताधारी दल के कद्दावर नेता और प्रशासनिक अधिकारियों के पोस्टरों के साये में हुए इस अश्लील डांस के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ने लगा है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार और प्रशासन को टैग करके पूछ रहे हैं कि क्या बीजेपी विधायक और जिम्मेदार अधिकारियों की मर्जी से यह सब सार्वजनिक मंच पर परोसा जा रहा था?

सांस्कृतिक परंपराओं के अनादर से लहार की जनता में उबाल, कार्रवाई की उठी मांग

इस पूरे शर्मनाक घटनाक्रम के बाद लहार क्षेत्र के आम नागरिकों, बुद्धिजीवियों और धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मां मंगला देवी का मेला क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। धार्मिक मेले के नाम पर इस तरह के घटिया और फूहड़ बार-बालाओं जैसे डांस कार्यक्रम आयोजित करके लहार की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का घोर अनादर किया गया है। आक्रोशित लोगों ने इसे अक्षम्य अपराध बताते हुए सीधे तौर पर जिम्मेदार नगर पालिका के अधिकारियों और आयोजन समिति पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

सीएमओ की अजीबोगरीब दलील: बोले- ‘महिला नहीं, महिला के भेष में लड़का नाच रहा था’

चारों तरफ से घिरने और जनता का भारी आक्रोश देखने के बाद नगर पालिका लहार के सीएमओ रमाशंकर शर्मा बैकफुट पर आ गए और उन्होंने डैमेज कंट्रोल के लिए एक बेहद अजीबोगरीब और हास्यास्पद सफाई पेश की। सीएमओ ने मीडिया के सामने अजीब दलील देते हुए कहा कि कार्यक्रम में कोई महिला अश्लील डांस नहीं कर रही थी, बल्कि वह एक लड़का था जो महिला के भेष में आकर अपनी कला की प्रस्तुति दे रहा था। इसके साथ ही उन्होंने मामले को दबाने के लिए यह तर्क भी दिया कि कार्यक्रम स्थल के पास ही पारंपरिक रामलीला का मंचन भी सुचारू रूप से चल रहा था। हालांकि, सीएमओ की इस बचकानी सफाई से जनता का गुस्सा शांत होने के बजाय और भड़क गया है। लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो में साफ तौर पर एक से ज्यादा महिलाएं मंच पर थिरकती दिख रही हैं, ऐसे में प्रशासन सफेद झूठ बोलकर अपनी खाल बचाने की कोशिश कर रहा है।

चुनावी रंजिश और राजनीति का अखाड़ा बना मां मंगला देवी का मेला

इस विवाद के बाद अब भिंड की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है और मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। दरअसल, लहार नगर पालिका के सीएमओ रमाशंकर शर्मा को स्थानीय बीजेपी विधायक अम्बरीष शर्मा का बेहद करीबी और खास सिपहसालार माना जाता है। यही वजह है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में प्रशासनिक अधिकारी अपनी मर्जी चला रहे हैं और धार्मिक मंचों का राजनीतिकरण व अपमान कर रहे हैं। विपक्ष ने इस पूरे शर्मनाक घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की है।

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