झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी हकीकत जानकर हर कोई दंग है। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और भूत-प्रेत भगाने का दावा करने वाला एक कथित तांत्रिक असल में मौत के सामान यानी अवैध हथियारों का बड़ा सौदागर निकला। यह शातिर तांत्रिक सोशल मीडिया पर अपनी ‘दैवीय शक्तियों’ का जाल बुनकर उसके पीछे हथियारों की तस्करी का काला साम्राज्य चला रहा था।
इंस्टाग्राम पर रील और असल जिंदगी में कत्ल का सामान
पकड़ा गया मुख्य आरोपी बॉबी उर्फ संत दयानंद महाराज कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया का एक चर्चित चेहरा है। इंस्टाग्राम पर इस तथाकथित बाबा का बकायदा एक पेज है, जिसे 65 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वह अपने पेज पर तंत्र-मंत्र, मसान और शैतान भगाने के नाम पर वीडियो पोस्ट कर लोगों को भ्रमित करता था। लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि इस ‘चमत्कारी’ चेहरे के पीछे एक शातिर क्रिमिनल माइंड छिपा था, जो रूहानी दरबार की आड़ में यूपी और एमपी के बदमाशों को हथियार सप्लाई करता था।
घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा, बरामद हुआ भारी जखीरा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति और एसपी सिटी प्रीति सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को सटीक सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि एसआईसी स्कूल के सामने खाली मैदान में कुछ युवक ऑटोमेटिक हथियारों की डील करने वाले हैं। सीपरी बाजार पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी की और मौके से तीन आरोपियों—बाबा दयानंद, विवेक चौहान और मुकेश श्रीवास को गिरफ्तार कर लिया।
करोड़ों का लालच और अवैध हथियारों की बड़ी खेप
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से जो सामान मिला, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। पुलिस ने इनके कब्जे से 6 अवैध असलहे, 66 जिंदा कारतूस, 56 खोखा कारतूस, और 5 खतरनाक रामपुरी चाकू बरामद किए हैं। इतना ही नहीं, इनके पास से 2 लाख 87 हजार रुपये की नकदी, सोने की अंगूठियां, चांदी के सिक्के और कई मोबाइल फोन भी मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग बाहर से सस्ते दामों पर हथियार मंगवाकर स्थानीय स्तर पर महंगे दामों में बेचता था। तंत्र-मंत्र का काम महज एक दिखावा था ताकि पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
गैंग के तीनों सदस्य भेजे गए जेल
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और मुकेश श्रीवास के किराये के मकान को अपना ठिकाना बनाए हुए था। पकड़े गए तीनों आरोपियों को कड़ी धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई किए हैं।















