Weather Strike: लखीमपुर-खीरी में भीषण गर्मी का टॉर्चर! 43.2°C पारे के साथ देश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा खीरी; सामान्य से 8 डिग्री ज्यादा बढ़ा तापमान

लखीमपुर-खीरी। उत्तर भारत में मॉनसून की सुस्त रफ्तार के बीच उत्तर प्रदेश का लखीमपुर-खीरी जिला शुक्रवार (26 जून) को भीषण ‘हीटवेव’ की चपेट में आकर देश का दूसरा सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 43.2°C पर पहुंच गया। इस सूची में पहले पायदान पर हरियाणा का रोहतक जिला रहा, जहां तापमान 43.4°C दर्ज किया गया। लखीमपुर-खीरी में गर्मी का आलम यह रहा कि दिन तो दूर, रात में भी उमस और तल्ख हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया।

सामान्य से 8.1°C अधिक रहा पारा, देश में सबसे ज्यादा मौसमी ‘विचलन’

मौसम विभाग की रिपोर्ट में सबसे डराने वाला और चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि लखीमपुर-खीरी का तापमान इस सीजन के सामान्य औसत से 8.1°C अधिक रिकॉर्ड किया गया। पूरे देश की तापमान सूची में यह सामान्य से सबसे अधिक विचलन (Departure from Normal) था। इसका साफ मतलब यह है कि जिले में आम दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा तीव्र और जानलेवा गर्मी पड़ रही है। सुबह से ही शुरू होने वाली तेज धूप और लू (गर्म हवाओं) के थपेड़ों ने पूरे जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया।

फेल हुए पंखे-कूलर; रात काटने के लिए लोगों को बार-बार नहाना पड़ा

भीषण उमस और गर्मी के कारण लोगों के घरों में लगे पंखे और कूलर भी पूरी तरह से बेअसर साबित हुए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कूलर राहत देने के बजाय कमरों में उबलती हुई गर्म हवा फेंक रहे थे, जिससे कंक्रीट के मकान देर रात तक तंदूर की तरह तपते रहे। उमस से बेहाल कई लोगों ने रात काटने के लिए कई बार नहाकर या शरीर पर पानी डालकर किसी तरह खुद को ठंडा रखने की कोशिश की। दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह से सुनसान नजर आईं और लोग घरों व दफ्तरों में कैद रहने को मजबूर रहे। गर्मी से बचने के लिए बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों, नारियल पानी और आइसक्रीम की मांग में अचानक भारी उछाल देखा गया।

उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा 42°C के पार

लखीमपुर-खीरी के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिले भी शुक्रवार को भीषण गर्मी से धधकते रहे। मौसम विभाग के अनुसार:

  • बांदा और आगरा: 43°C

  • लखनऊ: 42.4°C

  • फतेहगढ़, अलीगढ़ और कानपुर: 42.2°C

  • बाराबंकी और प्रयागराज: 42°C

आज शनिवार (27 जून) को भी जिले के लोग आसमान की तरफ टकटकी लगाए मौसम में बदलाव और बादलों का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों में प्री-मॉनसून की बारिश नहीं होती है, तो इस भीषण तपन से तुरंत राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

एक्सपर्ट व्यू: आखिर क्यों जून के आखिर में तप रहा है उत्तर भारत?

प्रसिद्ध बायोलॉजिस्ट और प्रवक्ता बी.डी. वर्मा के अनुसार, जून के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी की इस अप्रत्याशित तीव्रता के पीछे वैश्विक मौसमी घटना ‘एल नीनो’ (El Niño) का प्रभाव एक प्रमुख वजह है। एल नीनो के सक्रिय होने के दौरान प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के सतही जल का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है, जिससे वैश्विक विंड पैटर्न बदल जाता है। इसके चलते उत्तर भारत में मानसून की एंट्री देर से होती है, हवा में नमी कम होती है और लंबे समय तक रिकॉर्ड-तोड़ गर्मी व शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आगामी स्थानीय मौसमी प्रणालियों और मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने से इस चक्र में जल्द बदलाव आने की संभावना है।

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