
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और बेहद पेचीदा घटना सामने आई है। यहाँ दो बच्चों की मां ने अपनी मासूम बेटियों को छोड़कर अपने बॉयफ्रेंड (प्रेमी) के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार देर रात हुई इस घटना का सबसे झकझोर देने वाला मंजर यह था कि मौत के बाद भी दोनों के शव एक-दूसरे से पूरी तरह लिपटे हुए पाए गए।
महिला पिछले एक साल से अपने पति और बेटियों को छोड़कर प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। गुरुवार सुबह जब मृतक युवक के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो उन्होंने इस घटना को सुसाइड मानने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने महिला के मायके वालों और रिश्तेदारों पर दोनों की बेरहमी से हत्या करने और शव को ट्रैक पर फेंकने का संगीन आरोप लगाया है।
पानीपत में शुरू हुई थी सुमित और ज्योति की अधूरी प्रेम कहानी
यह पूरा मामला घाटमपुर रेलवे स्टेशन के पास का है। मिली जानकारी के अनुसार, रेऊना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी रोहित कुमार का सबसे छोटा बेटा सुमित उर्फ उदय प्रकाश (26) पेशे से मजदूर था। करीब एक साल पहले सुमित काम के सिलसिले में हरियाणा के पानीपत गया था। वहाँ उसकी मुलाकात बारा दौलतपुर के रहने वाले छोटे नाम के एक व्यक्ति से हुई।
इसी दौरान सुमित के प्रेम संबंध छोटे की पत्नी ज्योति से हो गए। प्यार का भूत इस कदर सवार हुआ कि ज्योति अपनी दो मासूम बेटियों और पति को पानीपत में ही छोड़कर सुमित के साथ उसके गांव गौरा आ गई। दोनों पिछले एक साल से समाज और परिवार से अलग साथ रह रहे थे। पिछले साल अगस्त में जब ज्योति का पति छोटे उसे वापस लेने आया, तो काफी हंगामा हुआ। मामला रेऊना थाने तक पहुंचा, लेकिन ज्योति ने पति के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद से दोनों बारा दौलतपुर में किराए का कमरा लेकर साथ रहने लगे थे।
चित्रकूट एक्सप्रेस के गुजरते ही बिछ गईं लाशें, जीआरपी ने शुरू की जांच
घाटमपुर स्टेशन मास्टर सुधीर सक्सेना के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 8 बजे कानपुर-बांदा रेलवे लाइन से चित्रकूट एक्सप्रेस गुजरी थी। ट्रेन के गुजरने के कुछ ही देर बाद डाउन ट्रैक पर एक युवक और युवती के क्षत-विक्षत शव पड़े मिले। स्टेशन मास्टर ने तत्काल इसकी सूचना जीआरपी (Government Railway Police) को दी।
जीआरपी ने बुधवार को शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया, लेकिन शिनाख्त और परिजनों के समय पर न पहुंचने के कारण बुधवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। गुरुवार को सुमित के परिजन तो रोते-बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए, लेकिन ज्योति के परिवार या मायके से कोई भी सदस्य सामने नहीं आया।
ससुराल वालों ने शक्ल देखने से किया इनकार, प्रेमी के परिवार ने ज्योति को माना बहू
सहानुभूति और रिश्तों की एक अनोखी मिसाल पेश करते हुए मृतक सुमित के परिवार ने ज्योति को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया। सुमित के बड़े भाई ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि उन्होंने ज्योति के मायके और ससुराल वालों को फोन कर हादसे की सूचना दी, लेकिन उन्होंने ज्योति की शक्ल तक देखने से इनकार कर दिया। ज्योति के परिवार वालों ने सुमित के भाइयों को फोन पर धमकी भी दी कि “शव लेकर गांव मत आना, वरना अंजाम बुरा होगा।”
इसके बाद सुमित के परिजनों ने कानूनी कागजी कार्रवाई (पंचायतनामा) में ज्योति के पति के स्थान पर सुमित का नाम दर्ज कराया। पिता रोहित और मां राजलक्ष्मी ने कहा कि भले ही दुनिया ज्योति को कुछ भी कहे, लेकिन उन्होंने उसे अपनी बहू मान लिया था। वे अपने बेटे सुमित के साथ ही ज्योति का भी पूरे विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करेंगे।
“यह सुसाइड नहीं, सोची-समझी साजिश के तहत मर्डर है” — भाई का बड़ा आरोप
इस पूरे मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब मृतक सुमित के भाई ब्रह्मप्रकाश और पिता रोहित ने इसे ऑनर किलिंग या हत्या का मामला बताया। भाई का आरोप है कि मोहर्रम के दिन ज्योति जबरन सुमित के घर आई थी और सुमित की मां को धक्का देकर बक्से से जेवर और ₹8,000 नगद समेत घर का अनाज लूट ले गई थी। इस घटना के बाद ज्योति के बहनोई ने गांव के एक युवक के साथ मिलकर सुमित के परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।
परिजनों का दावा है कि घटना वाले दिन यानी मंगलवार की दोपहर को भी ज्योति के बहनोई और उसके साथियों ने घाटमपुर बाजार में सुमित को घेरकर “जल्द ही अंजाम भुगतने” की धमकी दी थी। भाई ब्रह्मप्रकाश ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि ज्योति के बहनोई और अन्य विरोधियों ने पहले उन दोनों की बेरहमी से हत्या की और फिर इस जघन्य अपराध को सुसाइड का रूप देने के लिए दोनों के शवों को चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया।
डीसीपी साउथ का बयान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का असली राज
इस पूरे सनसनीखेज मामले पर डीसीपी साउथ (DCP South) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पुलिस को मंगलवार देर रात एक प्रेमी युगल द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड किए जाने की प्राथमिक सूचना मिली थी। जीआरपी और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीसीपी ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए जा रहे हत्या के आरोपों की अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post Mortem Report) का इंतजार कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का सही कारण स्पष्ट होने और परिजनों द्वारा दी जाने वाली लिखित तहरीर (तहरीर) के आधार पर ही आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।












