
देशभर में आम जनता को एक बार फिर महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली बुनियादी चीजों के दाम अचानक बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बुरी तरह गड़बड़ा गया है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) की नई दरों से लेकर महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इसके अलावा रसोई की जान मानी जाने वाली प्याज और गुड़ के दाम भी नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। हालांकि, चीनी के थोक भाव में 20 फीसदी तक की नरमी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
दिल्ली-एनसीआर में CNG ₹3.89 प्रति किग्रा महंगी
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी की दरों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया है। नई दरें लागू होने के बाद रोजाना कार से आवाजाही करने वाले नौकरीपेशा लोगों के जेब का खर्च बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, कैब, स्कूल बसों और माल ढुलाई करने वाले कमर्शियल वाहनों का किराया बढ़ना तय है। गौरतलब है कि वैश्विक परिस्थितियों और ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पिछले छह महीनों के दौरान सीएनजी के दामों में यह 5वीं बार बढ़ोतरी की गई है।
1 सितंबर से महाराष्ट्र में ₹9 महंगा मिलेगा दूध
डेयरी उत्पादों के मोर्चे पर भी आम लोगों को तगड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र में 1 सितंबर से दूध की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इससे पहले अगस्त की शुरुआत में दूध उत्पादक संगठनों ने 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी, जिससे दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद 10 फीसदी तक महंगे हो गए थे। अमूल और मदर डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियों द्वारा मई में रेट बढ़ाने के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय डेयरियां लगातार दाम बढ़ा रही हैं।
खुदरा बाजार में प्याज ₹60 के पार, गुड़ के दाम में उछाल
रसोई के बजट पर प्याज की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। दो महीने पहले जो प्याज 20 से 22 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, थोक मंडियों (जैसे मुंबई की भायखला मंडी) में उसकी कीमत 48 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसके चलते खुदरा बाजारों और दिल्ली-एनसीआर में प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में मानसून के सीजन के दौरान गुड़ की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में 25 से 50 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है, जिससे मुंबई में थोक भाव 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
चीनी की कीमतों में आई 20% की गिरावट
चौतरफा महंगाई के बीच चीनी बाजार से राहत देने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के प्रयासों और आपूर्ति में सुधार के चलते चीनी की एक्स-मिल (मिल से निकलने की) कीमतों में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कीमतों में इस नरमी से आने वाले त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।













