उत्तर प्रदेश में बीते चार दिनों से थमा हुआ मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के 60 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र लखनऊ के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक प्रदेशभर में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका जताई गई है।
31 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर, 30 से अधिक जिलों में वज्रपात का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में बारिश का यह दौर 31 जुलाई तक बिना रुके जारी रहने की संभावना है। अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी। 30 से अधिक जिलों में वज्रपात का सीधा खतरा मंडरा रहा है। इस संभावित खतरे को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बने नए सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने एक मजबूत निम्न दबाव (Low Pressure Area) के क्षेत्र के कारण उत्तर प्रदेश में मानसूनी हवाओं ने अचानक गति पकड़ी है। इसी मौसमी तंत्र के असर से पूरे प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक व्यापक बारिश का माहौल बना रहेगा। हालांकि, अनुमान है कि 1 अगस्त के बाद इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम होगा, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।
भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
पिछले कुछ दिनों से मानसून के कमजोर पड़ने के कारण राजधानी लखनऊ समेत ज्यादातर जिलों में लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल थे। अब लगातार हो रही बारिश से पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे आम जनता को उमस से बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे रुकने से बचें और बिजली चमकने के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।
मेरठ, कानपुर से गोरखपुर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी
IMD ने जिन प्रमुख जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है, उनमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, बदायूं, रामपुर, मैनपुरी, ललितपुर, सीतापुर, हरदोई, बहराइच, कन्नौज, कुशीनगर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया शामिल हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी बादलों की आवाजाही के साथ बारिश दर्ज की जाएगी, हालांकि वहां बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रह सकती है।











