गैजेट्स के इस्तेमाल से बढ़ रही है ये बीमारिया, कैसे करे इसका उपाय…

रात में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से नींद से जुड़ी कई बीमारियां घेर लेती हैं. गैजेट्स का इस्तेमाल हमारे काम को आसान बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन अगर आप इन्हें जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो कई बीमारियां भी हो सकती हैं.जानिए, गैजेट्स से होने वाली बीमारियों और उन से बचने के तरीकों के बारे में :

सुनने में प्रौब्लम: ईयरफोन का इस्तेमाल आप बहुत ज्यादा करते हैं तो सुनने में दिक्कत हो सकती है. यह आदत परमानैंटली आप के सुनने की क्षमता खराब कर सकती है.

क्या करें: हमेशा म्यूजिक सुनने या कान में हैडफोन लगाए रखने की आदत न पालें और वौल्यूम पर कंट्रोल रखें.

इन्सोम्निया: गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल करने में जो सब से अहम बीमारी हो सकती है वह है इन्सोम्निया यानी अनिद्रा. अगर आप जरूरत से ज्यादा गैजेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह आप के लिए इन्सोम्निया की पहली कड़ी साबित हो सकता है.

क्या करें: 20-20-20 का रूल ध्यान में रखें. अगर आप स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आप ने हर 20 मिनट में आप के 20 फुट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सैकंड तक देखना है. यह -ड्डड्ढठ्ठश-.शह्म्द्द की एक ट्रिक है जो आंखों की ऐक्सरसाइज का काम करती है. इस से यूजर्स की आंखों को आराम मिलता है और उन की ऐक्सरसाइज भी हो जाती है.

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम: हमारी आंखों की बनावट ऐसी नहीं है कि हम किसी भी एक पौइंट पर घंटों देखते रहें और आंखों को कोई नुकसान न पहुंचे. घंटों कंप्यूटर स्क्रीन पर देखते रहने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है. इस में आंखों में थकान, इचिंग, रैडनैस और धुंधला दिखाई देने की समस्या हो सकती है.

क्या करें: आप चाहे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टैबलेट या अन्य किसी भी गैजेट का इस्तेमाल कर रहे हों, उस की डिस्प्ले सैटिंग्स बदलिए. अगर कंप्यूटर में ब्राइटनैस, शार्पनैस या कलर बढ़े हुए हैं तो कम कीजिए. ज्यादा ब्राइट या शार्प स्क्रीन से आंखों पर ज्यादा प्रैशर पड़ता है.

टोस्टेड स्किन सिंड्रोम: आजकल लैपटौप पर ज्यादा काम करना आम बात हो गई है. अगर आप लैपटौप को जरूरत से ज्यादा अपनी गोद में रखते हैं तो इस से स्किन डिसऔर्डर हो सकता है. लैपटौप से हमेशा गरम हवा निकलती है. ज्यादा इस्तेमाल से स्किन सूख जाती है. अगर आप की स्किन सैंसिटिव है तो उस का कलर बदल जाएगा और खुजली भी हो सकती है.

क्या करें: लैपटौप का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो कूलिंग पैड जरूर ले लें. कूलिंग पैड लैपटौप से निकलने वाली गरमी को ठंडा करता है. बाजार में 200 रुपए से ले कर 1,500 रुपए तक के लैपटौप कूलिंग पैड और कूलिंग टेबल उपलब्ध हैं. अगर कूलिंग पैड नहीं है तो भी तकिए का इस्तेमाल करें या फिर लैपटौप को टेबल पर रख कर इस्तेमाल करें.

टैक्स्चर नैक: टैक्स्चर नैक सिंड्रोम उन लोगों को होता है जो स्मार्टफोन, लैपटौप और टैबलेट्स का इस्तेमाल करते समय गरदन नीचे की ओर झुका कर रखते हैं. अगर यह सिंड्रोम बढ़ गया है तो गरदन की मसल्स इसी पोजिशन को अडौप्ट कर लेंगी और गरदन सीधी करने में परेशानी होगी.

क्या करें: किसी भी गैजेट का इस्तेमाल करने से पहले यह ध्यान रखें कि उस की पोजिशन क्या है. अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मौनिटर कम से कम 20-30 इंच की दूरी पर रखें. अगर स्मार्टफोन या लैपटौप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो गरदन झुकाने की जगह उस की पोजिशन ऐसी रखें जिस से आप की गरदन पर स्ट्रैस न पड़े. टैक्स्टिंग थोड़ी कम कर दें. गरदन पर स्ट्रैस सब से ज्यादा टैक्स्टिंग के कारण ही पड़ता है.

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