रायपुर: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और जेब ढीली करने वाली खबर है। प्रदेश में अब बिजली का इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले महंगा होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए बिजली टैरिफ की घोषणा कर दी है। यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में पूरी तरह लागू हो जाएगा। आयोग के इस फैसले से आम जनता से लेकर उद्योगपतियों तक, हर वर्ग पर सीधा असर पड़ने वाला है।
औसतन 6.23 प्रतिशत महंगी हुई बिजली
नियामक आयोग द्वारा जारी किए गए नए टैरिफ के मुताबिक, इस बार प्रदेश में बिजली दरों में औसतन 6.23 फीसदी का इजाफा किया गया है। अचानक दरों में की गई इस बढ़ोतरी पर अधिकारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में महंगाई दर करीब 5 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। इसके साथ ही बिजली कंपनियों के पुराने वित्तीय घाटे को संतुलित करने के लिए दरों को बढ़ाना जरूरी हो गया था। अधिकारियों ने इस फैसले को पूरी तरह तर्कसंगत और न्यायसंगत बताया है।
आपके घर के बजट पर कितना पड़ेगा असर, समझें नया स्लैब
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की बात करें तो उनके लिए औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। आपके घर का बिल किस तरह प्रभावित होगा, इसे आप बिजली खपत के इन स्लैब से आसानी से समझ सकते हैं:
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0 से 100 यूनिट: इस स्लैब में आने वाले उपभोक्ताओं को अब 30 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देने होंगे।
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101 से 200 यूनिट: यहाँ भी 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से बढ़ोतरी की गई है।
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201 से 400 यूनिट: यदि आपकी खपत इस दायरे में है, तो आपको 40 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त चुकाने होंगे।
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401 से 600 यूनिट: इस मध्यम-उच्च खपत वाले स्लैब में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
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601 यूनिट या उससे अधिक: भारी बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा 50 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार उठाना पड़ेगा।
दुकान, खेती और भारी उद्योगों के लिए भी बदलीं दरें
नए टैरिफ ऑर्डर का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी इसका व्यापक असर दिखेगा। गैर-घरेलू व कमर्शियल प्रतिष्ठानों और दुकानों के लिए बिजली दरों में औसतन 20 पैसे से लेकर 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, अन्नदाताओं पर भी इसका बोझ पड़ेगा; कृषि और सिंचाई पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है।
भारी उद्योगों की बात करें तो स्टील सेक्टर को करारा झटका लगा है। 220 KV और 132 KV वोल्टेज वाले उच्च दाब स्टील उद्योगों के ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट और डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति KVA की वृद्धि की गई है। इसी तरह 33 KV श्रेणी के उद्योगों में 40 पैसे और 11 KV श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बस्तर और सरगुजा के छात्रों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर
इस कड़े फैसले के बीच नियामक आयोग ने छात्रों और आदिवासियों के हित में एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय कदम भी उठाया है। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट छात्र हॉस्टलों को अब तक कमर्शियल (व्यावसायिक) श्रेणी में गिना जाता था, जिससे उनका बिल बहुत ज्यादा आता था। नए नियमों के तहत अब इन्हें घरेलू श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक बदलाव से इन हॉस्टलों का बिजली बिल काफी कम हो जाएगा और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
लेट पेमेंट का नियम बदला, अब हर दिन के हिसाब से लगेगा चार्ज
बिजली बिल का समय पर भुगतान न करने वालों के लिए भी आयोग ने एक बड़ा व्यावहारिक बदलाव किया है। अब तक तय तारीख के बाद बिल पटाने पर पूरे महीने के हिसाब से 1.5 प्रतिशत की फिक्स लेट फीस चुकानी पड़ती थी। अब इस व्यवस्था को खत्म करके 0.04 प्रतिशत प्रति दिन कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि उपभोक्ता ने नियत तिथि के बाद जितने दिन की देरी की है, उसे केवल उतने ही दिनों का जुर्माना देना होगा, पूरे महीने का नहीं।
दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर मिलेगी विशेष छूट
ऐसे बड़े घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ता, जिनका स्वीकृत लोड 10 किलोवाट से अधिक है, उनके लिए सरकार ने एक शानदार ऑफर पेश किया है। यदि ये उपभोक्ता दिन के समय यानी सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे के बीच बिजली का उपयोग करते हैं, तो उन्हें ऊर्जा प्रभार में 20 पैसे प्रति यूनिट की विशेष छूट दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य दिन के समय बिजली की खपत को बढ़ावा देना है।















