छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस मर्डर मिस्ट्री: ट्रेन में मिली युवती की सिरकटी लाश मामले में पिता गिरफ्तार, पुलिस को मिला खून से सना ‘आलाकत्ल’

छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में युवती की सिर कटी लाश मिलने की दिल दहला देने वाली वारदात में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। इस खूनी सनसनीखेज मामले की जांच करते हुए रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की सुई आखिरकार कुशीनगर जा पहुंची। पुलिस ने इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतका के सगे पिता को ही गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार दोपहर को रेलवे पुलिस और सेवरही थाने की पुलिस की एक संयुक्त टीम आरोपी पिता को शिकंजे में लेकर उसके पैतृक गांव पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया मुख्य हथियार (आलाकत्ल) बरामद कर लिया गया है। इस बेरहम कत्ल के बाद से ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

जांच में मिले पुख्ता सबूत, निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया हत्या का हथियार

सेवरही थाने के प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गोमतीनगर एक्सप्रेस में मिले शव और बोगियों से जुटाए गए वैज्ञानिक व अन्य साक्ष्यों के आधार पर रेलवे पुलिस ने मृतका के पिता को हिरासत में लिया था। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी पिता टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर गांव पहुंची और उसकी निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद किया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया जा चुका है और उसके खिलाफ आगे की कड़ी विधिक कार्यवाही की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम और हत्या के पीछे की मुख्य वजह (मार्कशीट, ऑनर किलिंग या आपसी विवाद) का आधिकारिक तौर पर पूरा खुलासा रेलवे पुलिस लखनऊ मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए करेगी।

संदूक और बैग में मिले थे लाश के टुकड़े, दहल गए थे ट्रेन के यात्री

आपको बता दें कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत बीते गुरुवार को हुई थी, जब ट्रेन संख्या 15114 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच (S-1) में यात्रियों को लावारिस हालत में एक बड़ा बैग और लोहे का संदूक मिला था। जब ट्रेन लखनऊ के पास पहुंची और शक होने पर जीआरपी (GRP) ने उस लावारिस बॉक्स और बैग को खोला, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसवालों के भी होश उड़ गए। संदूक के भीतर एक अज्ञात युवती का कटा हुआ शव कई टुकड़ों में भरा हुआ था, जबकि उसका सिर गायब था। ट्रेन के भीतर इस तरह लाश मिलने से पूरे रेलवे महकमे और यात्रियों में हड़कंप मच गया था।

बिहार से यूपी तक खंगाले गए CCTV फुटेज, कपड़ों की जांच से खुला राज

इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए जीआरपी की कई टीमें रात-दिन एक कर रही थीं। शुरुआत में युवती की पहचान छुपाने के लिए उसका सिर गायब कर दिया गया था, जिसके चलते मृतका के निवास स्थान का पता लगाने के लिए जीआरपी ने संदूक से बरामद कपड़ों की तीन बार बारीकी से फॉरेंसिक जांच की। इसके साथ ही एस-1 कोच के सह-यात्रियों, कोच अटेंडेंट और संबंधित टीटीई (TTE) के भी विस्तृत बयान दर्ज किए गए थे।

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम सोमवार को बिहार के छपरा पहुंची थी। वहां से लेकर लखनऊ के बीच जितने भी स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव था, वहां के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला गया। बिहार के स्टेशनों से कोई खास सुराग न मिलने के बाद मंगलवार सुबह से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर क्षेत्र के तमकुहीराज रोड, दुधही, पडरौना, रामकोला, कप्तानगंज, पिपराइच, गोरखपुर, बस्ती और मनकापुर स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बेहद बारीकी से चेक किया गया। इसी फुटेज में आरोपी पिता संदूक ले जाता हुआ संदेहास्पद हालत में नजर आया, जिसके बाद पुलिस सीधे उसके घर कुशीनगर पहुंच गई और इस खूनी राज से पर्दा उठा दिया।

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