दहशत से कांप उठा गांव: चौबेपुर में दोपहर में भाइयों पर चाकूबाज़ी, देर रात युवक को दौड़ा-दौड़कर मारी गोली

कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वाजिदपुर (चिंतापुरवा मजरा) में बेखौफ बदमाशों ने खूनी खेल खेलते हुए 26 वर्षीय लोडर चालक गिरजा शंकर पुत्र शिव कुमार की सरेआम गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है।

दोपहर में चाकूबाज़ी, पुलिस की लापरवाही और देर रात कत्ल

घटना की शुरुआत दोपहर में हुई जब पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने गिरजा शंकर के दो भाइयों—रामपाल और रामदीन पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने दोनों भाइयों को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने तत्काल चौबेपुर थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी, लेकिन परिजनों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने मामले को तनिक भी गंभीरता से नहीं लिया और मौके पर जाना तक उचित नहीं समझा। पुलिस की इसी ढिलाई से बेखौफ हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए।

घात लगाकर किया हमला, आधे घंटे तक तड़पता रहा युवक

देर रात मृतक गिरजा शंकर जैसे ही अपना लोडर लेकर घर पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर धावा बोल दिया। जान बचाने के लिए वह गांव में भागा, लेकिन दरिंदों ने उसे दौड़ा-दौड़कर गोली मार दी। हमलावरों के खौफ और आतंक का आलम यह था कि लगभग आधे घंटे तक खून से लथपथ युवक तड़पता रहा, पर दबंगों के डर से कोई भी ग्रामीण उसे अस्पताल ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब परिजन उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

गंगा कटरी पर कब्जे और चुनावी रंजिश में गई जान

वारदात की सूचना मिलते ही एसीपी बिल्हौर और डीसीपी पश्चिम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। छानबीन के दौरान गंगा कटरी की जमीन पर अवैध कब्जे और प्रधानी के चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। मामले में गांव के ही कुलदीप कुमार (पुत्र रामऔतर) समेत तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है।

परिजनों में कोहराम, खाकी की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल है। इस खूनी वारदात ने खाकी के इकबाल पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि यदि दोपहर में दो भाइयों पर हुए चाकूबाजी के जानलेवा हमले पर चौबेपुर पुलिस वक्त रहते सख्त कदम उठा लेती, तो शायद गिरजा शंकर की जान बचाई जा सकती थी।

 

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