मुंबई। नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक सड़कों पर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच मुंबई से एक ऐसा हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस वैन के भीतर से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी हिरासत में लिए गए निर्दोष छात्रों को सरेआम फर्जी नशीले पदार्थों (चरस-गांजा) के केस में फंसाकर करियर और जिंदगी तबाह करने की धमकी देता साफ नजर आ रहा है। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस महकमे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है।
जानिए क्या है वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई?
पूरा मामला मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क के आसपास का है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के झंडे तले छात्र नीट पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस वैन में बिठा दिया।
इसी दौरान वैन की अगली सीट पर बैठा एक पुलिसकर्मी पीछे बैठे छात्रों पर बुरी तरह भड़क गया। वैन में मौजूद एक चतुर छात्र ने पुलिस अधिकारी के सामने रोने और डरने का नाटक करते हुए अपने मोबाइल में इस पूरी घटना का चुपके से वीडियो बना लिया।
वीडियो में पुलिसकर्मी बेहद गुस्से में चिल्लाते हुए कहता सुना जा सकता है कि ‘अगर तुम दोबारा यहां दिखे, तो मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। तुम्हारे बैग में 50-50 ग्राम पाउडर डाल दूंगा और तुम्हारी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे कट जाएगी.’ इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि इन प्रदर्शनों की वजह से उसकी ड्यूटी और व्यक्तिगत जीवन प्रभावित हो रहा है, इसलिए यदि छात्र दोबारा सड़कों पर दिखे तो उनका भविष्य हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।
कौन है धमकी देने वाला पुलिसकर्मी पवन सांगले?
छात्रों को फर्जी केस में फंसाने की खुलेआम धमकी देने वाले इस विवादित पुलिसकर्मी की पहचान पवन सांगले के रूप में हुई है। पवन सांगले मुंबई पुलिस के मोटर ट्रांसपोर्ट (MT) विभाग में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में उसकी तैनाती सायन (Sion) पुलिस स्टेशन में है। शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गाड़ी के ड्राइवर के तौर पर ड्यूटी पर तैनात था।
वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल, सरकार और प्रशासन ने लिया एक्शन
जैसे ही यह शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर वायरल हुआ, आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत कई प्रमुख नेताओं और नागरिक संगठनों ने पुलिस की इस तानाशाही और गुंडागर्दी पर कड़े सवाल उठाए।
चौतरफा घिरने के बाद महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी पुलिसकर्मी पवन सांगले को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए गए हैं। जांच पूरी होने तक उसे पुलिस कंट्रोल रूम में अटैच कर दिया गया है।
क्यों सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं देश के छात्र?
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देशभर के लाखों परीक्षार्थी और छात्र संगठन आक्रोशित हैं। मुंबई में हजारों छात्र CJP के बैनर तले अपने उज्ज्वल भविष्य की रक्षा और निष्पक्ष न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं। जहां एक तरफ छात्र अपने अधिकार मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा में तैनात जिम्मेदार पुलिसकर्मी द्वारा फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दिए जाने से कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं।












