नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार देश के बड़े हिस्से को अपनी जद में ले लिया है। महीनों से भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस झेल रहे उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के लिए मानसून राहत की फुहारें लेकर आया है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन राहत की इन बूंदों के साथ ही पहाड़ों पर तबाही का खौफनाक मंजर भी शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
दिल्ली-NCR में पहुंचा मानसून, अगले 3 दिन 100 किमी की रफ्तार से आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की ट्रफ लाइन बेहद तेजी से आगे बढ़ी है। इसने पूरी दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पारा गिरकर 34.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक आंधी-तूफान आने की भी आशंका है।
कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, गुजरात से महाराष्ट्र तक भारी बारिश की चेतावनी
मानसून के रौद्र रूप को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया है:
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रेड और ऑरेंज अलर्ट: गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए जारी किया गया है। यहां कुछ जगहों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
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ऑर्ेंज अलर्ट: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी हिस्से) और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं।
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येलो अलर्ट: बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के लिए जारी किया गया है।
उत्तराखंड: पगलानाला और गुलाबकोटी में मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे 11 घंटे ठप, 8000 श्रद्धालु फंसे
देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का कहर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पगलानाला और गुलाबकोटी में पहाड़ों से टनों भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके कारण हाईवे करीब साढ़े 11 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आठ हजार से अधिक तीर्थयात्री और पर्यटक रास्ते में ही फंसे रहे। शाम को करीब साढ़े चार बजे कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर हाईवे सुचारू किया जा सका, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: बादल फटने से आई बाढ़, 46 सड़कें बंद और पुल बहा
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने कोहराम मचा रखा है। चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) के कारण एक प्रसिद्ध मंदिर के पास बना लकड़ी का अस्थायी पुल बह गया, जिससे वहां दर्शन करने गए करीब 30 श्रद्धालु फंस गए हैं। सूबे में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 46 मुख्य सड़कें बंद हो चुकी हैं, जबकि बिजली के 181 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं। उधर, जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने की घटना से कई गांवों में पानी भर गया है और एक पूरी सड़क सैलाब में बह गई है।
असम में बाढ़ के हालात में थोड़ा सुधार, लेकिन अभी भी 25,000 लोग प्रभावित
पूर्वोत्तर राज्य असम से थोड़ी राहत की खबर है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में पहले से सुधार हुआ है। प्रभावित लोगों की संख्या 48 हजार से घटकर करीब 25,100 रह गई है। हालांकि धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिले अब भी पानी में डूबे हुए हैं, जहां अकेले धेमाजी में 21,000 से अधिक लोग बेघर हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए चार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। वर्तमान में भी 52 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं और करीब 393.44 एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।















