रहे सावधान ! काली हल्दी के नाम पर चल रहा है ठगी का धंधा, ऐसे खुला राज..

आणंद के रहने वाले एक रिटायर्ड स्कूल टीचर ग्रोसरी स्टोर से सामान लेने के लिए गए थे। स्कूल टीचर सुरेश की मुलाकात इन ठगों से आनंद के सावली में तीन महीने पहले हुई थी। दुकान पर ही बातचीत के दौरान इन जालसाजों ने काली हल्दी के फायदों के बारे में रिटायर्ड टीचर सुरेश को बताया था। इसके बाद वो लगातार उन्हें फोन कर इसे खरीदने के लिए तैयार करते रहे।

गैंग के लोगों ने टीचर को बताया कि काली हल्दी में रेडियोएक्टिव शक्तियां होती हैं जिसमें एल्फा, बीटा और गामा किरणें शामिल होती हैं।

उन्होंने ये भी बताया कि इसका इस्तेमाल वैज्ञानिक सैटेलाइट में लगने वाली चिप में करते हैं। सुरेश को ये भी बताया गया की काली हल्दी बिना चाबी के किसी भी ताले को खोल सकती है।

अगर उसके पास कपूर रख दो तो वो अपने आप ही जलने लग जाएगा और उसे जलाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। यहां तक की लोहे की कील को उसके पास रखने से वो अपने आप टेड़ी हो जाती है।

इन सब बातों को सुनने के बाद सुरेश काली हल्दी खरीदने के लिए राजी हो गए। जालसाजों ने उन्हें बताया की काली हल्दी खरीदने के लिए उन्हें उदयपुर जाना पड़ेगा। उन्होंने इसका दाम रखा था दो करोड़ रुपये लेकिन एडवांस के तौर पर उन्होंने सुरेश को 5.17 लाख रुपये लाने को कहा था।

उदयपुर पहुंचने के बाद सुरेश ने पैसे दे दिए। टीचर को बताया गया कि खराब मौसम होने की वजह से अभी काली हल्दी को रखने वाली जगह को खोला नहीं जा सकता। वो खुद काली हल्दी की खेप को 3 सितंबर को आणंद पहुंचा दिया जाएगा और तभी बाकी बची दो करोड़ की रकम भी ले ली जाएगी। सुरेश उस वक्त तो राजी हो गए और वापस आणंद के सावली आ गए।

3 सितंबर को उनमें से ही एक जालसाज ने सुरेश को फोन किया कि उदयपुर से काली हल्दी की खेप आ गई है और वो दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएं।

हालांकि सुरेश को उनकी बातें सुनकर लगा कि वो उन्हें चूना लगाने की कोशिश कर रहे हैं लिहाजा वो पहुंचने का वायदा कर सीधे पुलिस के पास पहुंच गए। पुलिस के पास पहुंचकर उन्होंने पूरी बात पुलिस को बताई।

जिसके बाद पुलिस ने सुरेश को उस दुकान पर जाने के लिए कहा जहां पर जालसाजों ने उन्हें बुलाया था। पुलिस के इशारे पर सुरेश उस दुकान पर पहुंच गए जहां पर जालसाज प्रवीण सोलंकी मौजूद था।

पुलिस की टीम ने छापेमारी कर एक के बाद एक इस गैंग के नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस गैंग के दो-तीन लोग अलग-अलग शहरों में इस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम देते आ रहे हैं।

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