
पालघर की घटना तो आपको याद ही होगी जब दो संतों को लाठी डंडों से पिट पिट कर मार दिया गया था. वो तस्वीर जिसने भी देखा दिल पसीज उठा था. उस एक तस्वीर ने कानून को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया था, और अब एक ऐसी ही तस्वीर राजस्थान में करौली से सामने आई। जिसने कांग्रेस को फिर से सवालों को कठघरे में खड़ा कर दिया की बीजेपी शासित राज्यों में गरीबों की आवाज बनने का जो दावा कांग्रेस करती है , बीजेपी शासित राज्यों में राहुल प्रियंका दोनों पहुँच जाते हैं ट्वीट करके अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हैं वो एक गरीब ब्राह्मण की हत्या पर चुप क्यों हैं? क्या उन्होंने अभी तक ये खबर नहीं देखि. एक गरीब ब्राह्मण की नृशंस ह्त्या कर दी गई लेकिन कांग्रेस के दोनों राजदुलारे चुप बैठे हैं क्या उन्हें नज़र नहीं आ रहा की राजस्थान में क्या हो रहा है.
अगर यही घटना बीजेपी शासित किसी राज्य में हुई होती तो पूरी कांग्रेस पार्टी मोर्चा लिए कूच कर देती. अभी तक तो सबके बयान सामने आ गए होते. क़ानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया होता. लेकिन जब ये घटना कांग्रेस शासित गहलोत सरकार में हुई तो दोनों भाई बहन के मुहं में मानों दही जम गई हो. अरे प्रियंका जी क्या अब आपका दिल आहत नहीं हुआ, राहुल जी क्या अब आपका दिल नहीं पसीजा.
ब्राह्मण हत्या तो सबसे बड़ा पाप है और इस मामले में चुप्पी साधे बैठे रहना क्या ये दर्शाता है की कांग्रेस हिन्दू विरोधी है. हिन्दू विरोधी कांग्रेस इस तरह के आरोप कांग्रेस पर पहले भी लगते रहे हैं और फिर से ये मुद्दा सियासी गलियारों में जोरों पर है. बीजेपी इस मामले में कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी कर चूका है. एक गरीब पुजारी जिसको भू माफिया ने जलाकर मार डाला. इस बात से जब पूरा हिन्दुस्तान आहत है तो पूरा हिन्दुस्तान आज पूछ रहा है आलाकमान से कि आपके आंसू क्यों नहीं निकल रहे.
राजस्थान में मंदिर के जमीन विवाद में एक पुजारी को जलाकर मार दिया गया. खरौली जिले के बुकना गांव से ये वीभत्स घटना सामने आई जहां मंदिर के जमीन विवाद में भू माफियाओं ने पुजारी को जिंदा आग के हवाले कर दिया. हालांकि, उस वक्त पुजारी कि मौत नहीं हुई पर वो गंभीर रूप से जख्मी हो गए, पुजारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार रात को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
इस मामले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी गहलोत सरकार से सवाल पूछा. उन्होंने ट्वीट कर कहा प्रदेश में हर तरह के अपराधों की घटनाएं बढ़ती जा रही है. सपोटरा में मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाने की घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो चुका है. प्रदेश की जनता भयभीत है, डरी हुई है, सहमी हुई है, आखिर गहलोत जी आप कब तक अपराधियों के मसीहा बनकर रहोगे??
ये मामला अब बेहद गरमा चुका है जयपुर में फाइट फोर राइट, श्री परशुराम सेना और कई संगठन के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे. श्री परशुराम सेना के संयोजक अनिल चतुर्वेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे.
इससे पहले भी पालघर में हुई लिंचिंग पर कांग्रेस चुप ही रही थी. बता दें कि इस मामले में अभी तक एक कि गिरफ्तारी हुई है अन्य कि तलाश जारी है. लेकिन ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने कि मांग पर गांव के लोग धरने पर बैठ गए हैं. साथ ही बीजेपी के नेता भी प्रदर्शन कर रहे हैं , तो वहीं परिवार का कहना है कि पुजारी का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती. परिवार मुआवाजा और सुरक्षा की मांग भी कर रहा है. हालांकि एसडीएम परिवार को मनाने में लगे हुए हैं और उचित कार्यवाही करने का भरोसा भी दे रहे हैं. पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब राहुल और प्रियंका का ज़मीर जागेगा कब राहुल गांधी-प्रियंका वाड्रा राजस्थान के लिए रवाना होंगे या फिर मंदिर के पुजारी को कांग्रेस इंसान ही नहीं मानती. अब गहलोत से इस्तीफा क्यों नहीं माँगा जा रहा. कांग्रेस कब तक चुप चाप सब कुछ देखती रहेगी.
पूरा देश इस बात का इंतज़ार कर रहा है आखिर कब दीदी और भैया राजस्थान के लिए निकलेंगे, क्या हाथरस में बहने वाले आंसू अब सूख चुके हैं, विपक्ष ये सवाल लगातार उठा रहा है कि जब कांग्रेस शासित राज्य में रेप कि घटनाएं होती हैं तो कांग्रेस नेता या तो चुप हो जाते हैं या फिर मामले को छुपाने में जुट जाती है. आखिर कब लीपापोती का ये खेल चलता रहेगा.















