लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में इलाज के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपी हैदर अली बेग की पुलिस महकमे में सरगर्मी से तलाश जारी है। 12 जून से लापता चल रहे इस बदमाश का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। उसकी धरपकड़ के लिए चौक थाना पुलिस की दो विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत, केजीएमयू किया गया था रेफर ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर गांव का निवासी हैदर अली बेग पिछले साल जनवरी से जिला कारागार में बंद था। सरोजनी नगर थाना पुलिस ने उसे दुष्कर्म, धोखाधड़ी समेत अन्य संगीन धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बीते 31 मई को जेल में अचानक खून की उल्टी होने और तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर 4 जून को उसे बलरामपुर अस्पताल और फिर वहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया था।
ड्यूटी में लापरवाही पर दो पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ केस अस्पताल में आरोपी की निगरानी के लिए हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और धर्मेंद्र सिंह को तैनात किया गया था। 12 जून की सुबह चेकिंग के दौरान बंदीरक्षक नागेश चंद्र सरोज ने पाया कि आरोपी हैदर अपने बेड से गायब है। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल परिसर में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। सुरक्षा में हुई इस भारी चूक पर जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की तहरीर पर चौक कोतवाली में दोनों पुलिसकर्मियों दिनेश कुमार और धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
फरार आरोपी की तलाश में जुटीं पुलिस की दो टीमें चौक कोतवाली प्रभारी नागेश उपाध्याय के मुताबिक, मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी का कोई सुराग न मिलने पर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।









