लखनऊ: शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोपों में लखनऊ पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। पीड़िता की तहरीर पर आशियाना थाने में तैनात आरोपी उपनिरीक्षक (SSI) धर्मवीर शाही के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़िता ने आरोपी पर मोबाइल में मौजूद उसकी निजी तस्वीरें व वीडियो वायरल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
बयान दर्ज कराने के बहाने बढ़ाया संपर्क, फिर किया शोषण
पीड़िता के अनुसार, करीब एक साल पहले उसकी दोस्ती बस्ती निवासी एक युवक से हुई थी, जिसने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में मुकर गया। इस मामले में फरवरी 2026 में बस्ती के छावनी थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसे विवेचना के लिए लखनऊ के आशियाना थाने ट्रांसफर किया गया था। आरोप है कि 21 फरवरी 2026 को आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही ने बयान दर्ज कराने के लिए पीड़िता को बुलाया था। मदद का भरोसा देकर दरोगा ने आशियाना थाने और किला चौराहे के पास एक कमरे में बुलाकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
दवा लेने निकली पीड़िता से मारपीट, ACP कैंट को सौंपी गई जांच
पीड़िता का आरोप है कि बीती 30 जुलाई की रात जब वह अपनी मां की दवा लेने बाहर निकली थी, तब आरोपी दरोगा ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़ित युवती की शिकायत पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी एसएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच एसीपी (ACP) कैंट को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









