गुजरात में पकड़ी गई ड्रग्स की सबसे बड़ी खेप, DRI ने बरामद की 9000 करोड़ की हेरोइन

DRI के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि अफगानिस्तान से हेरोइन की एक बहुत बड़ी खेप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने वाली है जिसके बाद DRI ने जांच शुरु की। DRI को खबर मिली की आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की एक कंपनी अफगानिस्तान से सामान मंगाने की आड़ में हेरोइन की तस्करी कर रही है।

एजेंसी के मुताबिक विजयवाड़ा की कंपनी आशी ट्रेडिंग कंपनी अफगानिस्तान से टाल्क स्टोन मंगाती थी जिससे टेलकम पाउडर बनाया जाता है। हालांकि टाल्क स्टोन की आड़ में वो हेरोइन की तस्करी कर रहे थे।

अफगानिस्तान से ये नशे की खेप पहले सड़क के रास्ते ईरान पहुंची और फिर ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट से इसे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट भेजा गया। यहां पर ये खेप कंपनी को उठानी थी लेकिन इससे पहले ही DRI का छापा पड़ गया।

अफगानिस्तान से लाई गई हेरोइन को टाल्क स्टोन के पैकेट्स में छिपाया गया था। ये हेरोइन अफगानिस्तान के कंधार से हसन हुसैन लिमिटेड नाम की कंपनी ने विजयवाड़ा की आशी ट्रेडिंग कंपनी को भेजी गई थी। DRI अब आशी ट्रेडिंग कंपनी के मालिकों की तलाश में जुटी हुई है। इस कंपनी का दफ्तर विजयवाड़ा के क्लॉक स्ट्रीट पर है।

इस मामले में पुलिस ने चार विदेशी लोगों को हिरासत में लिया है और जांच कर रही है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि गुजरात के मुंद्र पोर्ट आने वाली ड्रग को आगे कहां पर भेजा जाना था। कहीं उसे विजयवाड़ा की जगह दक्षिण भारत के किसी शहर या फिर दूसरे देश तो नहीं भेजा जाना था।

ड्रग की इतनी बड़ी खेप शायद ही देश में पकड़ी गई हो, इस बरामदगी से साफ है कि भारत ड्रग तस्करों का और ड्रग इस्तेमाल करने वाले लोगों का बड़ा सेंटर बनता जा रहा है। ड्रग लेने का चलन अब ना केवल शहरों में बलकि देश के ग्रामीण इलाकों में भी फैल गया है। देश में कुछ राज्य तो ऐसे हैं जो ड्रग माफिया के सेंटर बन गए हैं और वहां पर धड़ल्ले से ड्रग्स का कारोबार किया जा रहा है।

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