घर-घर हुई गोवर्धन पूजा, जयघोषों से गुंजा वातावरण

भास्कर समाचार सेवा

कोसीकलां। गोवर्धन पूजा का त्योहार बुधवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने घरों की साफ-सफाई कर गाय के गोबर से घर में गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए और अन्नकूट का प्रसाद बांटा गया।दीपावली के तीसरे दिन गोवर्धन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। घरों में गोवर्धन पूजा महिलाओं ने विधि-विधान से की। गाय के गोबर से आंगन में गोवर्धन की आकृति बनाकर उसमें गायें, नर-नारी, सूरज, चांद आदि बनाए गए। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना विधि-विधान से हुई। मंदिरों में भी इस अवसर पर हवन पूजन हुए। इस मौके पर मंदिरों में अन्नकूट का प्रसाद बांटा गया। शहर के काली मंदिर, राधव-माधव मंदिर, बालाजी मंदिर सहित तमाम मंदिरों में भंडारे हुए। पंडितों ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए कंस ने अपनी माया से गोकुल में बाड ली दी। तब भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुल में सभी नर-नारियों, पशु-पक्षियों की रक्षा की। इसलिए इस परंपरा को मनाया जाता है। अगले दिन गोबर से बनाई गई आकृति को हटाकर उसी स्थान पर दूज की पूजा की जाती है। इससे घर में सुख-समृृद्धि आती है।

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