
भास्कर समाचार सेवा
नोएडा। नोएडा आपके द्वारा कार्यक्रम के तहत गुरुवार को
सैक्टर 37 पहुंची टीम ने समस्याओं का निराकरण करने की कोशिश की।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देशानुसार नौएडा प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा सैक्टर 37 के निरीक्षण में उप महाप्रबन्धक (जल), वरिष्ठ प्रबन्धक (जल खण्ड 2), प्रबन्धक (वर्क सर्किल 2), अवर अभियन्ता (वि0 स03) तथा प्रबन्धक (जन स्वास्थ्य 4) उपस्थित थे। साथ ही सैक्टर 37 अरुण विहार आवासीय कल्याण समिति के विभिन्न पदाधिकारी भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित थे।
आरणडब्लू0ए0 पदाधिकारियों द्वारा प्राधिकरण द्वारा सैक्टर के विकास कार्यों के अन्तर्गत विश्वभारती स्कूल से होकर आने वाली ड्रेन जो कि ब्रह्मपुत्र मार्केट को पार करते हुए ,सैक्टर 2 की तरफ जाती है, उसकी स्थिति दयनीय है। इस ड्रेन की स्टैकचरल स्टरैंथीग किये जाने की मांग की गई। जिससे इसके अन्तर्गत लापरवाही बरतने वाले लोगों पर सम्बंधित विभाग द्वारा कार्यवाही की जा सके। इसके अलावा
सैक्टर 3 में अतिक्रमण की समस्या के दृष्टिगत अतिक्रमण हटवाने की मांग की गई। इसके अलावा गोदावरी मार्केट के अन्तर्गत सैक्टर 3 में वर्तमान में पीआरएस सम्बंधी दुकानों का व्यवसाय काफी अधिक पाया गया है। इस सम्बंध में सिविल विभाग जन स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करते हुए सर्वे कर नियमों का पालन न करने वाली दुकानों के विरुद्ध अर्थदण्ड लगाने की मांग की गई एवं इन दुकानों का आवंटन किस कार्य हेतु किया गया है, का अवलोकन सम्बंधित विभाग द्वारा किये जाने की मांग की गई। इसके साथ ही विद्युत अनुरक्षण कार्य के अन्तर्गत जर्जर पोलों को बदलने की मांग की गई। स्ट्रीट एज को निरन्तर क्रियाशील कराने की मांग की गई। सैक्टर 28, 39 एवं 37 के अन्तर्गत वि0 यां० तृतीय के अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के साथ गहन सर्वे पर वैस को बदलने का कार्य कराया जाये। इसके अलावा नौएडा ट्रैफिक सैल विभाग द्वारा स्पीड सिग्नल क्रियाशील नहीं है। सैक्टर 29, 30 एवं 37 के टी प्वाइन्ट पर डी0पी0एस0 से आने वाली रोड एवं चर्च वाले चौराहे पर ब्लिंकर सिग्नल लगाया जाये। सैक्टर 28, 29 एवं 37 के अन्दर दुर्घटनाओं के दृष्टिगत पूर्व निर्मित स्पीड ब्रेकरों पर थर्मोप्लास्टिक की जाए। गोदावरी मार्केट के अन्तर्गत सैक्टर 37 में वर्तमान में रेस्टोरेन्ट सम्बंधी दुकानों का व्यवसाय काफी अधिक पाया गया है। इस सम्बंध में जन स्वास्थ्य विभाग सिविल विभाग से समन्वय करते हुए नियमों का अनुपालन न करने वालों पर अर्थदंड लगाने की मांग की गई। इसके अलावा उद्यान विभाग से पेड़ों की कटाई छंटाई की मांग।














