वृंदावन के छह महिला आश्रय सदनों का किया निरीक्षण

विधिक साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन

भास्कर समाचार सेवा

मथुरा: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश राजीव भारती जी के निर्देश पर शनिवार को चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन प्रथम, द्वितीय, सीताराम, रासविहारी व लीलाकुंज महिला आश्रय सदनों तथा कृष्णा कुटीर महिला आश्रय सदन, वृन्दावन का आकस्मिक निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन सोनिका वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर महिला आश्रय सदनों की अधीक्षिकाएं व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण दौरान उपस्थित अधीक्षिकाओं द्वारा बताया गया कि चेतन्य विहार महिला आश्रय सदन, वृंदावन के उपरोक्त पांचों आश्रय सदनों में कुल 268 मातायें पंजीकृत हैं, जिनमें से 35 माता अवकाश पर, पांच माताओं का अस्पताल में भर्ती होना बताया गया। शेष 229 माता उपस्थित हैं। कृष्णा कुटीर सदन में 179 माताएं पंजीकृत होना बताया गया, जिनमें से पांच माता अनुपस्थित, दो माताओं का पुनर्वास होना तथा 172 माताएं उपस्थित होना बताया गया।
चेतन्य बिहार स्थित सदनों की प्रभारी द्वारा बताया गया कि माताओं को महिला कल्याण निगम द्वारा 1850 रुपये प्रतिमाह फूडमनी व पाकेटमनी के रूप में प्राप्त होते हैं, जो सीधे माताओं के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। माताओं को उप्र सरकार की ओर से एक हजार रुपये प्रतिमाह वृद्धा व विधवा पेंशन प्राप्त होती है।
सभी माताओं के अंत्योदय राशनकार्ड बनें हैं, जिसमें उन्हें इस माह में निशुल्क 14 किलो गेहूं व 21 किलो चावल, एक किलो प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार द्वारा कोरोनाकाल में निःशुल्क पांच किलो अनाज भी प्राप्त हो रहा है। चेतन्य बिहार स्थित सदन सर्दी में माताओं को गर्म पानी उपलब्ध कराने हेतु सदनों में लगे गीजरों को चालू करवाया जा रहा है।
निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित माताओं से पृथक-पृथक वार्ता की गयी तथा उनको विधिक अधिकारों से अवगत कराते हुए उनकी समस्याओं को सुना गया व उनके निस्तारण हेतु सदनों की प्रभारी व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

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