बागपत नगर पालिका सीमा विस्तार पर शासन की रोक के बाद भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के चेहरे मुरझाए


भास्कर समाचार सेवा
बागपत। नगर पालिका सीमा विस्तार और परिसीमन पर शासन की रोक से भाजपा के संभावित बाहरी प्रत्याशियों के चेहरे मुरझाए। कोर्ट में दाखिल याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकृति मिलने पर जैसे ही शासन ने सीमा विस्तार पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे चुनाव लड़ने के लिए तैयार कुछ भाजपा के टिकट के दावेदारों के चेहरे लटक गए हैं।कुछ नेताओं ने बागपत नगर पालिका के मनमाफिक सीमा विस्तार कराया, जिसमें पाली, नया गांव, सिसाना व कलेक्ट्रेट इंडस्ट्रियल एरिया शामिल किया गया था। इन गांवों में गतवर्ष ग्राम प्रधान का चुनाव हुआ था, लेकिन सत्ता की हनक के चलते उसे नजरअंदाज कर नगर पालिका परिषद् के सीमा विस्तार में ले लिया गया था। वहीं इन ग्रामों के मिलने से अपनी मजबूत दावेदारी मानते हुए भाजपा से टिकट पाने का जुगाड़ और कुछ अन्य का अपना वजूद के चलते चुनावी बिसात बिछाई जाने लगी थी। जातिगत आंकड़े, सामाजिक संबंध आदि का आकलन कर चुनाव लड़ने का दम भरने वाले सम्भावित उम्मीदवार फिलहाल शांत हो गये हैं तथा शासन और कोर्ट से आस लगा रहे हैं, तभी चुनाव लड़ने या न लड़ने का निर्णय लिया जा सकेगा।अगर परिसीमन पर रोक लगती है तो उन नेताओं का क्या होगा जो चुनाव से पहले ही अपनी हनक दिखा रहे थे।यह आने वाला समय ही बतायेगा की क्या निर्णय आता है।

खबरें और भी हैं...