
भास्कर समाचार सेवा
बदायूं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को जनपद में पूर्वान्ह् 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम पंकज कुमार अग्रवाल, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में सत्य प्रकाश प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय राम केश, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, उदय भान सिंह, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार, विशेष न्यायाधीश, दस्यु प्रभावित क्षेत्र, दीपक कुमार, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत/विशेष न्यायाधीश, पक्सो एक्ट, योगेश कुमार, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण होते लाल मौर्य, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन, सचिव जिला बार एसोशिएशन के साथ दीप प्रज्जवलित करके एवं माँ शारदे को माल्यार्पण कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। योगेश कुमार, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा उक्त उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य एवं सेवाओं के बारे में बताया गया एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्रीय लोक अदालत के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां दी गयीं। दीपक कुमार, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत/विशेष न्यायाधीश, पाक्सो एक्ट, द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के सम्बन्ध में जागरूक करते हुए पूर्व में आयोजित हो चुकी राष्ट्रीय लोक अदालत के आंकड़ों से अवगत कराते हुये अपील की गयी कि वर्तमान लोक अदालत में अधिकाधिक वादों का निस्तारण आपसी सहमति से कराकर इस पर्व को सफल बनायें। श्री राम केश पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, द्वारा आमजन सम्बाेधित करते हुए इस लोक अदालत में आमजन को अधिकाधिक विवादों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराये जाने की अपील की गयी। उनके द्वारा इस संकल्प के साथ सभी से अपील की गयी| जो बरसों से बिछड़े हैं, जिनका कोई सहारा नहीं है, उनको न्याय दिलाना है, यही संकल्प हमारा है। सत्य प्रकाश प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, द्वारा अपने सम्बोधन में पारिवारिक विवादो का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराये जाने की अपील की गयी। न्यायालय में लम्बित विवादों के सम्बन्ध में जागरूक करते हुये अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, एन0आई0 एक्ट-अन्तर्गत धारा 138, मोटर दुर्घटना सम्बन्धित वाद, वैवाहिक/पारिवारिक विवाद, श्रम सम्बन्धी वाद, भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी वाद, किरायेदारी, ट्राफिक चालान, राजस्व वाद व विद्युत बिल आदि विवादों का निस्तारण कराया जा सकता है। इसी क्रम में उनके द्वारा सभी को राष्ट्रीय लोक अदालत सफल बनाये जाने हेतु अपना-अपना सहयोग दिये जाने की अपील की गयी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा न्यायिक अधिकारियो तथा बार के पदाधिकारीगण के साथ वृक्षारोपण किया गया। उसके उपरान्त सभी न्यायालयों एवं बैंको द्वारा जनपद न्यायालय परिसर में विभिन्न स्थानो पर लगाये गये कैम्पों का निरीक्षण कर वादकारियों की समस्याओं के बारे में पूछकर उनकी समस्याओं का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में सत्य प्रकाश, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय एवं परशुराम अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय द्वारा अपने-अपने न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर 106 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर पति-पत्नी द्वारा आपस में फूल-माला पहनाकर अपने सम्बन्धों को जीवन-पर्यनत खुशहाल रहने का एक-दूसरे से वादा किया। राम केश पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 64
मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण किया गया| उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से सम्बन्धित वादों में विभिन्न बैंकों के 1048 मामले भारत संचार निगम लि0 के 24 मामल, स्थानीय निकाय के 683 मामल, राजस्व सम्बन्धित 423 मामले एवं अन्य प्रकार के 19864 मामले थे। इस प्रकार कुल 22042 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लम्बित फौज़दारी एवं सिविल वादों में 3138 वादों का निस्तारण हुआ। इस प्रकार उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 25180 वादों का निस्तारण हुआ। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, सभी सम्बन्धित बैंक के अधिकारीगण, कर्मचारीगण व स्वयं सेवीगण उपस्थित हुये।













