भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं। यहां काम दिलाने के बहाने लड़कियों का धर्मांतरण कराने और उन्हें सेक्स रैकेट के दलदल में धकेलने वाली दो सगी बहनों, अमरीन और आफरीन को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह इतना शातिर था कि झुग्गी से निकलकर आलीशान विला तक का सफर इन्होंने मासूम लड़कियों की आबरू का सौदा करके तय किया।
झुग्गी से आलीशान विला तक का सफर: जिस्मफरोशी से बनाई करोड़ों की माया
जांच में खुलासा हुआ है कि अमरीन और आफरीन पहले भोपाल के अब्बास नगर की एक तंग झुग्गी में रहती थीं। लेकिन मानव तस्करी और देह व्यापार के काले कारोबार ने उन्हें रातों-रात रईस बना दिया। आज ये बहनें आशिमा मॉल के पास स्थित पॉश कॉलोनी ‘सागर रॉयल विला’ में एक आलीशान विला की मालकिन हैं और पूरी तरह लग्जरी लाइफस्टाइल जीती थीं। पुलिस यह देखकर हैरान है कि महज कुछ सालों में इन्होंने इतनी संपत्ति कैसे खड़ी कर ली।
गरीब लड़कियों को टारगेट, ड्रग्स और शराब का दबाव
आरोपियों का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद डरावना था। ये बहनें गरीब घर की लड़कियों को घरेलू काम दिलाने के बहाने अपने पास रखती थीं। इसके बाद उन्हें हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के सपने दिखाकर रईसजादों की पार्टियों में ले जाया जाता था। वहां लड़कियों को शराब और एमडी (MD) जैसे घातक ड्रग्स लेने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर उन्हें बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
धर्मांतरण का खेल: ‘मुस्लिम बनो, अच्छी जगह शादी कराऊंगा’
मामले में गिरफ्तार तीसरा आरोपी चंदन यादव खुद इस्लाम अपना चुका है। पीड़िता ने बताया कि चंदन ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर धर्मांतरण का दबाव बनाया। चंदन का कहना था, “मैं मुस्लिम बन चुका हूं, तुम भी बन जाओ, तुम्हारी अच्छी जगह शादी करा दूंगा।” धर्मांतरण के बाद अमरीन और आफरीन ने पीड़िता को बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। गिरोह के अन्य सदस्य बिलाल, चानू और यासिर भी लड़कियों का शारीरिक शोषण करते थे।

पीड़िताओं ने बताया कि चंदन यादव भी अमरीन के साथ ही रहता था।
गुजरात से मुंबई तक फैला नेटवर्क, व्हाट्सएप ग्रुप में लड़कियों की ‘कैटलॉग’
पुलिस ने जब अमरीन का मोबाइल जब्त किया, तो उसमें कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप मिले। इन ग्रुप्स में दर्जनों युवतियों की तस्वीरें थीं, जिन्हें गुजरात, अहमदाबाद और मुंबई के रईस ग्राहकों को ‘सप्लाई’ किया जाता था। पीड़िताओं को महज 10 हजार रुपये महीना देकर बंधक बनाकर रखा जाता था, जबकि उनके बदले ग्राहकों से मोटी रकम वसूली जाती थी।
आधी रात को थाने पहुंचीं पीड़िताओं ने खोली पोल
इस काले साम्राज्य का अंत तब हुआ जब रविवार रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की दो बहादुर युवतियां भागकर बाग सेवनिया थाने पहुंचीं। उनकी आपबीती सुनकर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और सोमवार को मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी बिलाल, चानू और यासिर की तलाश में छापेमारी कर रही है।














