भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भारी बवाल! घुसपैठिए के ‘पुशबैक’ पर भड़की हिंसा, कटीली तारों के आर-पार जमकर चले पत्थर

शिलांग:  भारत और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुधवार को अचानक एक बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो गया। पूर्वोत्तर राज्य मेघालय से सटी सीमा पर एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को वापस भेजने (पुशबैक) की सुरक्षात्मक कार्रवाई के बाद दोनों देशों के नागरिक और सुरक्षा बल आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कटीली तारों के दोनों तरफ सैकड़ों लोगों की उग्र भीड़ जमा हो गई और दोनों ओर से भीषण पथराव शुरू हो गया। यह सनसनीखेज घटना मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज क्षेत्र में स्थित ‘नंदिर चार’ सीमा इलाके की है। इस हिंसक झड़प के बाद से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।

नो-मैंस लैंड पर फंसा रहा घुसपैठिया, बीजीबी के अड़ियल रुख से बिगड़ी बात

स्थानीय सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, एक बांग्लादेशी नागरिक अवैध तरीके से कटीली तार पार कर भारतीय क्षेत्र में घुस आया था। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के मुस्तैद जवानों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। कानूनी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बीएसएफ ने जब उस शख्स को बांग्लादेश की ओर वापस भेजने (पुशबैक) की प्रक्रिया शुरू की, तो मामला बेहद पेचीदा हो गया। बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) और वहां के स्थानीय नागरिकों ने उस व्यक्ति को अपना नागरिक मानने और अपने क्षेत्र में लेने से साफ इनकार कर दिया। बीजीबी के इस अड़ियल रुख के कारण वह संदिग्ध शख्स दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच लगी फेंसिंग के पास ही फंसा रह गया, जिससे सीमा पर सस्पेंस और तनाव गहरा गया।

खुद को बताया बांग्लादेशी, फिर भी मुकरा बीजीबी; सीमा पर सांप्रदायिक तनाव की आहट

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पकड़े गए व्यक्ति ने चीख-चीखकर खुद को बांग्लादेश का मूल निवासी बताया था, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेशी सुरक्षा बल अपने ही नागरिक को अपनाने से पीछे हट गए। इस बात की खबर जैसे ही सीमावर्ती गांवों में फैली, देखते ही देखते दोनों ओर के सैकड़ों ग्रामीण और उपद्रवी कटीली बाड़ के पास इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में माहौल बेहद संवेदनशील और सांप्रदायिक रूप से तनावपूर्ण हो गया। भीड़ के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर अचानक दोनों तरफ से हिंसक पत्थरबाजी शुरू हो गई।

बाड़ के आर-पार बरसे पत्थर, सोशल मीडिया पर वायरल हुए रोंगटे खड़े करने वाले वीडियो

अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाड़ के आर-पार जमकर पत्थर और लाठियां फेंकी गईं। गनीमत यह रही कि इस पथराव में अभी तक किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन इस अप्रत्याशित हिंसा ने भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सीमा के दोनों ओर उग्र भीड़ और चीख-पुकार साफ देखी जा सकती है। हालांकि, जिला प्रशासन और बीएसएफ इन वायरल वीडियो की सत्यता की गहनता से जांच कर रहे हैं।

सीमा पर अतिरिक्त जवान तैनात, विवाद सुलझाने के लिए बीएसएफ-बीजीबी की फ्लैग मीटिंग

भारत-बांग्लादेश की इस संवेदनशील सीमा पर स्थिति को संभालने के लिए बीएसएफ ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। बीएसएफ के उच्चाधिकारियों ने बयान जारी कर बताया है कि फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। संवेदनशील ‘नंदिर चार’ सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल (कुमुक) तैनात कर गश्त बढ़ा दी गई है। द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत दोनों देशों के कमांडरों के बीच फ्लैग मीटिंग बुलाई गई है, ताकि इस गतिरोध को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके और सीमा पर दोबारा शांति बहाल की जा सके।

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