US-Israel का बड़ा हमला: ईरान में 201 की मौत, 747 घायल, 200 जेट्स ने 500 ठिकानों को बनाया निशाना

तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया इस वक्त इतिहास के सबसे खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) शुरू कर दिया है। फ्लोरिडा के मार-ए-लागो से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यरूशलेम से बेंजामिन नेतन्याहू इस साझा हमले की कमान संभाल रहे हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, अब तक 24 प्रांतों में हुए हमलों में 201 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी इजरायल और 7 देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया है।

ट्रंप की मार-ए-लागो से निगरानी और इजरायल का ‘सबसे बड़ा’ हमला

व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरी रात जागकर इस सैन्य ऑपरेशन की सीधी निगरानी की। इजरायली वायुसेना (IAF) ने दावा किया है कि यह ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है, जिसमें 200 फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया। वायुसेना प्रमुख तोमेर बार ने बताया कि 500 से ज्यादा सैन्य ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया है। उत्तरी तेहरान में खुफिया मंत्रालय के पास हुए जोरदार धमाकों से पूरी ईरानी राजधानी दहल गई और वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

ईरान का पलटवार: 7 देशों में अमेरिकी बेस अब ‘वैध टारगेट’

ईरान ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए इजरायल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान ने दो टूक कहा है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल की हर सैन्य संपत्ति उसके लिए ‘वैध टारगेट’ है। मिसाइल हमलों के बाद तेल अवीव सहित इजरायल के कई शहरों में सायरन गूंज रहे हैं और लोगों को बंकरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दुबई में बुर्ज खलीफा के पास ईरानी ड्रोन गिरने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही पर रोक ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

भारतीयों के लिए ‘अभय कवच’: इजिप्ट और जॉर्डन के रास्ते रेस्क्यू की तैयारी

युद्ध की भयावह स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों पक्षों से संवाद कर तनाव कम करने की अपील की है। भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए इजिप्ट और जॉर्डन के रास्ते रेस्क्यू प्लान तैयार कर लिया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसे भारतीयों के लिए भी दूतावास ने विशेष एडवाइजरी जारी कर उन्हें सतर्क रहने को कहा है।

वैश्विक शक्तियों में हलचल: रूस-चीन ने की निंदा, यूक्रेन ने साधा निशाना

इस संघर्ष ने दुनिया को दो गुटों में बांट दिया है। रूस ने इन हमलों को ‘उकसावे वाली आक्रामक कार्रवाई’ बताया है, जबकि चीन ने ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ईरान पर रूस की मदद करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘ईरानी आतंक’ से मुक्ति पाने का मौका बताया है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने भी स्थिति पर आपात बैठक बुलाने की घोषणा की है।

खामेनेई का संबोधन और भविष्य की आशंका

ईरान का दावा है कि उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सुरक्षित हैं। खामेनेई जल्द ही टेलीविजन पर देश को संबोधित कर सकते हैं। इजरायल ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हमले नहीं रोके, तो एयर स्ट्राइक का नया दौर शुरू किया जाएगा। इस टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को एक ऐसे विनाशकारी युद्ध की धकेल दिया है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए घातक हो सकते हैं।

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