भारत के पहले एआई -आधारित लीगल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च के साथ यूपी के लाल ने किया कमाल

ऑस्ट्रेलिया, यूएई, ब्रिटेन समेत कई देशों में कॉग्नेक्सिया एआई की मौजूदगी

जौनपुर के उद्यमी की पहल, छोटे शहरों की प्रतिभा का वैश्विक उदाहरण

आर्बिट्रेशन, टैक्सेशन और कॉरपोरेट कानून से जुड़े काम होंगे तेज और पारदर्शी

लखनऊ।भारत के टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए एक अहम उपलब्धि के रूप में उत्तर प्रदेश के जौनपुर में जन्मे एआई उद्यमी डॉ. निर्मल सिंह ने अपनी कंपनी कॉग्नेक्सिया एआई (CognexiaAI) के जरिए भारत का पहला एआई-आधारित लीगल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ‘कॉग्नेक्सियाAI लीगल’ लॉन्च किया है। इसके साथ ही कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में करीब 540 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट मिलने की जानकारी भी दी है। इस प्लेटफॉर्म का अनावरण मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया, जिसमें नीति-निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के कई प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

कंपनी के अनुसार, कॉग्नेक्सियाAI लीगल को भारत की न्याय व्यवस्था और कानूनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म आर्बिट्रेशन, नियामकीय अनुपालन, कॉरपोरेट कानून, टैक्सेशन, एचआर कंप्लायंस और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े काम को तेज, आसान और अधिक पारदर्शी बनाने में मदद कर सकता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बड़े भाषा मॉडल (LLM), डिजिटल वर्कफ्लो ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस पहल को उत्तर प्रदेश के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि जौनपुर जैसे शहर से जुड़े उद्यमी द्वारा विकसित यह तकनीकी प्लेटफॉर्म देश की बढ़ती डिजिटल और एआई क्षमताओं को दर्शाता है।

लॉन्च के दौरान डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि भारत को सिर्फ वैश्विक तकनीक का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीक बनाने और दुनिया को देने वाला देश बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉग्नेक्सियाAI लीगल के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आगे बढ़कर “लीगल इंटेलिजेंस” की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि भारतीय कानून की जटिलताओं को बेहतर तरीके से समझने वाले सिस्टम विकसित किए जा सकें। इस लॉन्च के साथ कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सफलता मिली है। कॉग्नेक्सियाAI को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 540 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं, जिन्हें हाल के समय में भारतीय AI-आधारित ERP और CRM प्लेटफॉर्म की बड़ी विदेशी उपलब्धि माना जा रहा है। ये कॉन्ट्रैक्ट निर्माण, हॉस्पिटैलिटी, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल सर्विस, ट्रैवल-टूरिज्म, आर्किटेक्चर, ज्वेलरी और हेल्थकेयर जैसे कई क्षेत्रों से जुड़े हैं।

कंपनी का दावा है कि कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पहले इस्तेमाल हो रहे वैश्विक ERP और CRM प्लेटफॉर्म को छोड़कर कॉग्नेक्सियाAI के AI-आधारित सिस्टम को अपनाया है, क्योंकि इसमें तेज डिप्लॉयमेंट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और रियल-टाइम ऑप्टिमाइजेशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इन नए समझौतों के बाद कॉग्नेक्सियाAI के वैश्विक ग्राहकों की संख्या करीब 15 हजार संगठनों तक पहुंच गई है। कंपनी के साथ 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय चैनल पार्टनर जुड़े हुए हैं और इसका संचालन ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम, डेनमार्क, नीदरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, नाइजीरिया और घाना समेत कई देशों में हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहां देश अब सिर्फ आईटी सेवाएं देने वाला केंद्र नहीं रहा, बल्कि खुद के AI प्लेटफॉर्म और तकनीक विकसित कर रहा है। उत्तर प्रदेश के लिए भी यह उपलब्धि खास मायने रखती है। जौनपुर जैसे टियर-2 शहर से निकलकर डॉ. निर्मल सिंह का वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व करना यह दिखाता है कि छोटे शहरों की प्रतिभा भी अब भारत की अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी पहचान बना रही है।

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