LPG का महासंकट: ईरान-इजरायल जंग की आग में झुलसी रसोई, कोयले पर लौट रहे रेस्तरां, ₹5000 पहुंचा सिलेंडर!

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी सैन्य जंग का सीधा और घातक असर अब भारत के आम आदमी की थाली पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव ने देश की रसोई गैस सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अब केवल कीमतें ही नहीं बढ़ीं, बल्कि कई शहरों के होटलों के मेन्यू से पसंदीदा व्यंजन ही गायब हो गए हैं। गैस की किल्लत ने देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

बिरयानी पर ‘ब्रेक’ और मटन रेजाला हुआ गायब, कोयले पर लौट रहे रेस्तरां

गैस संकट का सबसे बुरा असर पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में देखा जा रहा है। कोलकाता के मशहूर रेस्तरां ने अपने मेन्यू से ‘हांडी बिरयानी’ और ‘मटन रेजाला’ जैसे ज्यादा गैस खपत वाले व्यंजन हटा दिए हैं। वहीं, भोपाल के बड़े शैक्षणिक संस्थानों जैसे NLIU और IISER की मेस में स्नैक्स बनाना बंद कर दिया गया है। आलम यह है कि आधुनिक किचन अब मजबूरी में कोयले और लकड़ी के चूल्हों की ओर लौट रहे हैं। गुजरात के कई होटलों में रोटियों की संख्या सीमित कर दी गई है, जबकि कोलकाता के देसून अस्पताल ने ईंधन बचाने के लिए मरीजों को केवल शाकाहारी भोजन परोसने का फैसला किया है।

₹1400 का सिलेंडर ₹2800 में! दक्षिण भारत में हाहाकार और कालाबाजारी

देश के दक्षिणी राज्यों में स्थिति और भी भयावह हो गई है। तमिलनाडु में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हैं, जहां ₹1400 का सिलेंडर ₹2800 तक में बेचा जा रहा है। केरल में करीब 40% और कर्नाटक में 30% भोजनालय गैस न मिलने के कारण अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में भी सन्नाटा पसरने लगा है; नागपुर के हिंगना इंडस्ट्रियल एस्टेट के 70% सूक्ष्म और लघु उद्योगों ने गैस की कमी के कारण काम बंद होने की रिपोर्ट दी है।

मंदिरों में ‘अन्नदान’ रुका, गैस की कतार में बुजुर्ग ने तोड़ा दम

यह संकट अब केवल पेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आस्था और परंपराओं पर भी चोट कर रहा है। सिकंदराबाद के ऐतिहासिक श्री गणेश मंदिर ने गैस की कमी के चलते ‘अन्नदान’ और ‘प्रसादम’ का वितरण रोक दिया है। तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में अब कमर्शियल सिलेंडर की चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। सबसे दुखद खबर पंजाब के बरनाला से आई, जहां गैस की लंबी कतार में लगे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। चेन्नई में कमर्शियल गैस की कीमत ₹5,000 के पार पहुंचने से चाय और कॉफी के दाम दोगुने हो गए हैं।

इंडक्शन कुकटॉप की बढ़ी डिमांड, शहरों में अग्नि सुरक्षा का पेंच

गैस के विकल्प के रूप में लोग अब बिजली के उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। कानपुर जैसे व्यापारिक केंद्रों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग में रिकॉर्ड तेजी आई है। हालांकि, शहरी इलाकों में रहने वाले होटल कारोबारियों के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं, क्योंकि फायर सेफ्टी नियमों के कारण वे लकड़ी या कोयले का उपयोग नहीं कर सकते। ऐसे में पूरा होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है। भारत सरकार अब कूटनीतिक रास्तों से इस सप्लाई चेन को बहाल करने की कोशिशों में जुटी है, ताकि आम आदमी को इस ‘ईंधन युद्ध’ से राहत मिल सके।

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